आँख फडकना क्या होता है कारण नुकसान और इलाज के उपाय – reasons and side effects of eye twitching in Hindi

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आंख का फड़कना क्यों होता है क्यों फड़कती है आंख | What is eye twitching?

आंख फड़कना को इंग्लिश में eye twitching कहा जाता है और इससे मेडिकल भाषा में myokymia नाम से जाना जाता है| यदि आप आंख फड़फड़ाना के कारण जानना चाहते हैं तो सबसे पहले यह जानिए की आंख क्यों फड़कती है| यानी आंख का फड़कना क्या है तो हम आपको यह बता दें कि हम आपको किसी वहम में नहीं रखना चाहते और ना ही आंख फड़कना शुभ होता है या अशुभ या फड़कने का मतलब या अर्थ क्या होता है के बारे में जानकारी देना चाहते है| हम आपको यह बताना चाहते हैं कि आंख का फड़कना के पीछे वैज्ञानिक कारण एक रीजन क्या है|

eye fadakna problem treatment

साइंटिफिक कारण या मेडिकल के अनुसार आंख फड़कना आंखों में पाई जाने वाली मांसपेशियों की अनैच्छिक गतियां होती है| यानि बिना आपकी इच्छा के होने वाली गतियाँ| आंख का फड़कना बहुत हल्का भी हो सकता है या इतना तेज हो सकता है कि दूसरों को ऐसा लगेगा कि आप आंख मार रहे हैं| आंख का फड़फड़ाना राइट या लेफ्ट दोनों आंखों में हो सकता है और ऊपर और नीचे की भोहों (eyelids) में कहीं भी हो सकता है| आपको बाई आंख फड़कना यह दाई आंख फड़कना हो सकता है और यदि आपकी दोनों आंखें फड़कने लगे और वह भी बहुत तेज तो ऐसी कंडीशन को मेडिकल भाषा में blepharospasm कहा जाता है|

aankh fadakna kise adhik hota hai ? आंख फड़फड़ाना की प्रॉब्लम किसे अधिक होती है

आँख फडकना की समस्या किसी को भी किसी भी उम्र में हो सकती है| यह समस्या छोटे बच्चों, बड़ों और बुजुर्गों को कभी भी हो सकती है| ज्यादातर लोग आंख फड़कना बच्चों आदमी औरत या लड़का लड़की मैं होने का अर्थ या मतलब शुभ और अशुभ से जोड़कर देखते हैं जैसे कौनसी आंख फड़कने पर शुभ होगा और कौन सी आंख फड़के तो अशुभ या बुरा होगा इसलिए ऐसा सोचना सही नहीं है| आंख का फड़कना कुछ मिनट का हो सकता है या ऐसा भी हो सकता है की यह कुछ दिन या कुछ हफ्ते तक चलता रहे और कई बार तो यह कुछ महीनों तक भी चलता रहता है और ऐसा उनमें अधिक होता है जिन्हें एलर्जी की समस्या होती है|

क्या आंख फड़कना से नुकसान या साइड इफेक्ट हो सकते हैं | side effects  of eye blinking in Hindi

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अधिकतर मामलों में आंख फड़कना दर्द रहित होता है और इसके साइड इफेक्ट या नुकसान नहीं होते लेकिन यह आपको बेचैन जरूर कर सकता है| आंख का फड़फड़ाना अपने आप बिना इलाज के सही हो जाता है लेकिन यदि आपका आंख फड़कना की समस्या सही नहीं हो रही और आपको असामान्य लक्षण दिखाई दे रहे हैं जैसे चेहरे में दर्द या आंख में दर्द तो यह किसी आंख के रोग होने का संकेत भी हो सकता है| इसलिए आंख फड़कना यदि लंबे समय तक चल रहा है तो डॉक्टर से मिलकर आंख का चेकअप करवा लेना चाहिए क्योंकि कोई नहीं जानता कि यह साधारण सी समस्या आपके बड़े रोग का रूप ले ले और आपको इससे नुकसान उठाना पड़े|

Aankh fadakne ka matlab , arth , fal kya hota hai?

कुछ लोग यह जाने के इच्छुक रहते हैं की बायीं या दाहिनी आंख फडकने का मतलब, अर्थ या फल क्या होता है और लड़के या लड़की के लिए क्या शुभ होता है और क्या अशुभ यानि बुरा| यहाँ हम आपको यह बताना चाहेंगे की आँख फडकना का फल या अर्थ आपके धर्म या मान्यता के अनुसार कुछ भी हो या आप शुभ या अशुभ के साथ जोड़कर देखें| लेकिन सच्चाई ये है की ऐसा होना आपको आपके शरीर में problem होने का साकेत देता है| बाकी अपनी अपनी सोच है जिसके बार में हमने उनके लिए भी लिखा है जो आँख फड़कना शुभ या शुभ समझते हैं|

aankh fadakna  ke karan (reasons)hindi me |  किन कारणों से होता है आंख का फड़कना

आंख फड़कना की समस्या किसी आँख में हो सकती है यानि यह लेफ्ट eye में  हो या राइट eye में या आँख के कोने में और जरूरी नहीं कि इसका कारण हमेशा आपको पता चल सके क्योंकि eye twitching  समस्या आम बात है इसलिए इसके सही कारण का पता लगाना बहुत ही मुश्किल होगा| कुछ निम्न कारण है जिनसे आंखों के फड़कने की समस्या शुरू हो सकती है या बिगड़ सकती है जैसे

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आंख में इरिटेशन होना

कंप्यूटर इंटरनेट या मोबाइल आदि पर अधिक नजर लगाना जिससे कि आँख में थकावट हो जाती है

शारीरिक थकावट या आंखों के अधिक उपयोग से आंखों में आई कमजोरी और थकावट

कम सोने से भी आंख फड़कना की शिकायत ज्यादा होती है

लगातार काम करने से जब आपके शरीर में थकावट हो तब आपको यह समस्या अधिक होती है

किसी रोग निवारण के लिए ली जाने वाली दवाई (medicine)के साइड इफेक्ट या नुकसान के कारण

मानसिक तनाव अवसाद या चिंता में रहना

शराब तंबाकू या कैफीन का अधिक इस्तेमाल करना यह सेवन करना

ध्यान दीजिए यदि आपकी आंख फड़कना की समस्या बेकाबू हो जाए यानी लंबे समय तक चलती रहे और यह समस्या आपकी दोनों आंखों में हो तो मेडिकल भाषा में इस समस्या को benign essential blepharospasm कहा जाता है जिसका सही कारण तो पता नहीं है लेकिन यह निम्न कारणों से अधिक हो सकता है

आंखों का शुष्क या ड्राई रहना जो कि लंबी दूरी की ड्राइविंग के बाद हो सकता है या ऐसा कार्य करने पर जिसमें आंखों का अधिक इस्तेमाल होता है जैसे सिलाई कढ़ाई या लिखा-पढ़ी के काम|

blepharitis  यानी आंख  के inflammation की समस्या होने पर

आंख आना, आंख लाल होना या आई फ्लू होने पर (eye infection)

हवा, प्रकाश, धूल मिट्टी, किसी केमिकल आदि से आंखों को नुकसान होने पर या इरिटेशन होने पर

प्रकाश के प्रति आंखों का संवेदनशील हो जाना यानी सेंसिटिव हो जाना

मानसिक तनाव  अधिक रहना

नशा शराब सिगरेट का अधिक सेवन करना

दोनों आंखों का एक साथ फड़कना पुरुषों की तुलना में औरतों में अधिक होता है और यदि इस रोग का इलाज ना करवाया जाए तो आगे भविष्य में आपको इस समस्या से नुकसान हो सकते हैं जैसे धुंधलापन, अधिक प्रकाश में आंख ना खोल पाना यानी लाइट से सेंसिटिविटी और चेहरे के दूसरे हिस्सों का फड़फड़ाना आदि लक्षण देखे जा सकते हैं|

aankh fadakna se hone wale khatre | क्या आंख फड़कना खतरनाक या नुकसानदायक भी हो सकता है

लोग अक्सर यह जानना चाहते हैं कि आंख का फड़कना अब खतरे का संकेत समझा जाना चाहिए आमतौर पर आंख फड़कना खतरनाक नहीं होता लेकिन कभी कभार आंख का फड़फड़ाना किसी दिमाग या तंत्रिका संबंधित रोग होने का लक्षण भी हो सकता है| कुछ ऐसे दिमाग और तंत्रिका से जुड़े रोग होते हैं जिनमें आपको आंख फड़कने की समस्या हो सकती है जैसे

Bell’s palsy (facial palsy)

इसमें रोगी का चेहरा या आंखों की भौहें लटक जाती है और रोगी के गाल भी नीचे की ओर झूलने लगते हैं|

dystonia

स्मोकिंग के मांसपेशियों में होने की समस्या होती है और कभी भी शरीर मैं ऐंठन आ सकती है|

cervical dystonia (spasmodic torticollis)

इसमें गर्दन यह सिर में ऐंठन की समस्या हो सकती है रोगी  की गर्दन या सिर किसी भी दिशा में मुड सकता है |

multiple sclerosis (MS)

यह आपके दिमाग के सेंट्रल नर्वस सिस्टम से जुड़ी हुई समस्या है जिसमें रोगी को चलने फिरने में परेशानी होती है और हमेशा थकावट और कमजोरी बनी रहती है|

Parkinson’s disease

पार्किंसन के रोगी में हाथ पैर की कंपन या पूरे शरीर में कंपन की समस्या होती है पार्किंसन में चलने फिरने यह खड़े होने में बैलेंस बनाने में दिक्कत आती है और ऐसे रोगियों की आवाज लड़खड़ाती हुई होती है|

Tourette’s syndrome

इसमें आपकी आवाज मैं लड़खड़ाहट पैदा हो सकती है और मांस पेशियों में कंपन या ऐंठन की समस्या हो सकती है|

Note:- यदि आपके आंखों का फड़कना किसी चोट के कारण है तो ऐसे में आपको डॉक्टर से इलाज और जरूरी दवा या मेडिसिन ले लेनी चाहिए ऐसा ना करने पर आंखों को नुकसान भी हो सकता है|

आंख फड़कना डॉक्टर को कब दिखाना जरूरी होता है

आंख का फड़कना एक सामान्य समस्या हो सकती है और इसमें आपको किसी विशेष इलाज की आवश्यकता नहीं होती लेकिन यदि आपकी समस्या लंबे समय से चलती आ रही है और आपको दर्द यह चेहरे में असामान्य लक्षण दिखाई देते हैं तब आपको डॉक्टर से इलाज करवाने के बारे में सोचना ही चाहिए|

आंख फड़कना के लक्षण जिसमें डॉक्टर का इलाज जरूरी होता है

यदि आपको आंख फड़कने की समस्या लम्बे समय से हैं और निम्न लक्षण दिखाई देते हैं तो डॉक्टर से इलाज करवाना जरूरी होता है

यदि आपकी आंख लाल है सूजी हुई है या उससे मवाद या खून बह रहा है

आपकी ऊपरी आंख की भोह हिल नहीं रही और लटक गई है

यदि आंख फड़कना इतना तेज हो कि आपकी आंख बंद होने लगे

यदि आंख फड़कना कुछ हफ्तों तक बंद ना हो

आंख का फड़कना चेहरे के दूसरे हिस्सों को प्रभावित कर रहा हो जैसे आंख फड़कने से गाल, माथे या नाक का फड़कना|

ऐसी स्थितियां आने पर या लक्षण महसूस होने पर आपको इस समस्या का इलाज करवाना चाहिए और जरूरी दवा लेनी चाहिए| समय पर ट्रीटमेंट होने पर आपको ऊपर बताई गई गंभीर समस्याएं नहीं होंगी|

आँख फडकने का इलाज | aankh fadakna ka ilaj kaise hota hai kya kare kya nahi | Eye twitching Treatment in Hindi

आंख फड़कने का इलाज करवाने की तब तक आवश्यकता नहीं पड़ती जब तक कि आपकी आंख फड़कने के लक्षण गंभीर नहीं होते| यदि डॉक्टर को लगेगा कि आपकी आंख फड़कने का कारण गंभीर है तो कारण के आधार पर आपको आंख फड़कने का इलाज करवाना होगा जैसे benign essential blepharospasm कि स्थिति में डॉक्टर आपको botox इंजेक्शन दे सकता है |यदि इस कंडीशन का इलाज इंजेक्शन से नहीं हो पाए तो डॉक्टर आपकी की सर्जरी या ऑपरेशन भी कर सकता है| यदि आपको आंख के असामान्य लक्षण दिखाई दे तो आपको डॉक्टर से मिलने में परहेज नहीं करना चाहिए

Aankh phadkane / fadane ka gharelu ilaj kaise hota hai | आँख फडकना घरेलु इलाज और उपाय से सही करना

जहां तक आंख फड़कने की समस्या को सही या ठीक करने के लिए घरेलू इलाज और उपाय के तरीके अपनाने की बात आती है तब आपको तरीके या उपाय अपनाने चाहिए जिसे आंख फड़कने की समस्या ना हो खासकर ऐसा उन लोगों को करना चाहिए जो बार बार आंख फड़कना की समस्या से परेशान रहते हैं| यदि आपको भी ऐसी समस्या है तो आप आंख फड़कना के बचाव के तरीके और उपाय अपनाकर इलाज कर सकते हैं

आंखों की साफ सफाई रखने का विशेष ख्याल रखिए|

शराब, सिगरेट, तंबाकू, जर्दा, खैनी, पान मसाला आदि से परहेज करें क्योंकि ऐसे पदार्थ आपके पूरे शरीर को नुकसान पहुंचाते हैं|

कॉफी चाय का कम सेवन करें उनके स्थान पर आप स्वास्थ्य drinks जैसे ग्रीन टी, नारियल पानी, नींबू पानी आदि पी सकते हैं|

रात को अधिक देर जागने से परहेज करें क्योंकि नींद की कमी के कारण आंख फड़कने की शिकायत सबसे अधिक होती है|

आर्टिफिशियल tear drops की शीशी घर पर रखिए और समय-समय पर इसका  इस्तेमाल करते रहें| इससे आपकी आंखें नम बनी रहेंगी और आपको ड्राइनेस के कारण आंख फड़कने की समस्या नहीं होगी| ऐसा उन लोगों के लिए खासकर उपयोगी होगा जो कि आँख से संबंधित काम जैसे कंप्यूटर पर काम, लिखाई पढ़ाई, सिलाई कढ़ाई आदि जैसे काम करते हैं|

आंख में सूजन क्या दर्द होने पर आप रुमाल से गर्म सेक करके आंख को राहत दे सकते हैं|

यदि आंख फड़कने का इलाज और उपचार के गह्रेलु उपाय और तरीके अपनाने के बाद भी आपको आराम ना मिले तो किसी अच्छे आंख के डॉक्टर से अपॉइंटमेंट फिक्स करिए|

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