Pregnancy care tips – 1, 2 and 3 trimester me kaise kare dekhbhal (पूरी जानकारी)

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इस लेख को पढ़ने के बाद आपको दूसरे किसी लेख की ज़रूरत नही पड़ेगी क्योंकि ये आर्टिकल हमने खास तौर पर अपनी प्रेग्नेंट बहनों के लिए बनाया है| प्रेग्नेन्सी अपने साथ ढेर सारी खुशियाँ लेकर आती है खास तौर पर उन कपल्स के लिए जो या तो पहली बार माँ और बाप बनने वाले हैं या वो जो लम्बे  समय से संतान सुख पाने की कोशिश मे लगे हुए हैं| प्रेग्नेन्सी आपको तो उत्साहित करती ही है लेकिन उससे आपके पुर परिवार मे एक खुशी के लहर दौड़ पड़ती है| साथ ही गर्भावस्था अपने साथ कुछ चुनौतियाँ भी लेकर आती और इनमे से सबसे बड़ी प्राब्लम किसी गर्भवती के लिए है गर्भावस्था मे देखभाल कैसे करे? यहाँ हम आपको पूरी प्रेग्नेन्सी के दौरान जरुरी टिप्स देंगे| हमने आपकी सुविधा के लिए प्रेग्नेन्सी को 3-3 महीने के 3 trimesters मे बाँट दिया है यानी:

1 trimester यानी पहली तिमाही ( 1 से 3 months)

2 trimester यानी दूसरा तीमाही (3 से 6 months)

3 trimester यानी तीसरा तीमाही (6 से 9 months)

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पहले trimester मे प्रेग्नेन्सी केयर टिप्स| कैसे करने गर्भावस्था के पहले तीन महीने देखभाल |शुरू के 1 से 3 महीनों मे क्या करना सही होगा

पहले ट्राइमेसटर मे प्रेग्नेन्सी केयर यानि देखभाल सबसे अहम् होती है क्योंकि इसमें आप प्रेग्नेन्सी के लिए एक दम नये होतो हो, आप में एक्सपीरियेन्स यानि अनुभव की कमी होती है साथ ही कई सारे हॉर्मोन्स बदलाव होते हैं जिनके कारण गर्भावस्था मे बहुत सारी प्रॉब्लम्स झेलनी पड़ती हैं|

अपने डॉक्टर से कीजिए appointment fix

पहले ट्राइमेसटर मे आप आपने डॉक्टर से मिलें और अपना कंप्लीट check up करवा लें| डॉक्टर आपकी हिस्टरी पूछेगी साथ ही आपका ब्लड प्रेशर, वेट, हाइट आदि चेक करेगी| साथ ही वो आपको कुछ एक्सर्साइज़ और डाइयेट टिप्स भी देगी| यदि आपको कोई भी प्राब्लम हो रही है तो उसे अपने डॉक्टर को बतायें|

विटमिन्स और supplements लें

विटामिन जैसे विटामिन B9 यानी फॉलिक एसिड्स और दूसरे विटमिन्स ज़रूर लें जो आपकी डॉक्टर आपको लिखती है| इसके साथ ही आपको संतुलित आहार खाना भी बहुत ज़रूरी होता है|

क्या आप कोई दवा या गोली ले रही हैं?

यदि आप कोई भी मेडिसिन का पर्योग कर रही हैं तो उसके बारे मे अपने डॉक्टर से ज़रूर डिसकस करें| प्रेग्नेन्सी की घड़ी बहुत नाज़ुक होती है और कई बार कोई दवा गंभीर side effect भी कर सकती है|

स्मोकिंग से रहें दूर

गर्भावस्था मे स्मोकिंग करना बहुत ही बुरा माना जाता है और कुछ cases मे तो स्मोकिंग से गर्भपात (मिसकॅरियेज) भी हो जाते हैं| इसके अलावा स्मोकिंग आपके और आपके बेबी की सेहत को बुरी तरह से प्रभावित करती है जिससे बच्चा कम वजनी पैदा होता है|

Alcohol बिल्कुल नही

शराब, बियर या वाइन किसी भी प्रकार का alcohol हो लेकिन जब प्रेग्नेन्सी की बात हो तो आपको alcohol से बिल्कुल दूर रहना है| शराब के सेवन से से मिसकॅरियेज यानी गर्भपात के चान्सस काफ़ी हाइ हो जाते हैं|

कॅफीन भी करे बंद

स्मोकिंग और alcohol की तरह प्रेग्नेन्सी मे ज्यादा कॉफी पीने से गर्भपात हो सकता है| इसलिए आप एक कप से ज़यादा कॉफी ना पीयें|

डाइट का रखें ख्याल

प्रेग्नेन्सी मे डाइट का विशेष ख्याल रखें| आपको सही डाइट  के बारे में आपकी डॉक्टर पूरी जानकारी दे देगी| कुल मिलकर आपको सेहत मंद हलकी फुलकी और अच्छी डाइट ही खानी होगी| किसी भी फ़ूड आइटम के बारे में यदि आप sure नही हो तो वो न खायें और उसके बारे मे अपने डॉक्टर से पूछकर ही खायें| डाइट  ऐसी हो जिससे आपके शरीर को खूब सारा पोषण मिले|

प्रेग्नेन्सी की सिकनेस

अक्सर पहले ट्राइमेसटर मे बहुत ही महिलाओं को उल्टी आना, कुछ भी खाने का मन ना करना, smell से  ही उल्टी आना और भोजन के प्रति अरुचि पैदा हो जाती है| ऐसी महिलाओं से हमारा निवेदन है की भोजन बिल्कुल ना छोड़ दें बल्कि कुछ ना कुछ हमेशा खाते रहें| आपको जो खाने का मन कर रहा है वो खाएं|

यदि आपको बहुत जयदा उल्टियाँ (वॉमिटिंग) हो रही हैं या फिर उल्टी के साथ खून भी या रहा है, या उल्टी के साथ पीला पानी आ रहा है और acidity जैसे लक्षण हैं  तो तुरंत अपने डॉक्टर से मिलकर उसका इलाज लें| कई औरतों को इस दौरान पीलिया तक हो जाता है इसलिए इलाज मे देरी करना सही नही|

ख़तरे के लक्षण देखें

आदि आपको पेट मे बहुत तेज दर्द या मरोड़ उठ रहे हैं साथ ही ज्यादा ब्लीडिंग भी हो रही है तो अपने डॉक्टर से तुरंत मिलिए|

रेस्ट खूब करें

गर्भावस्था मे हॉर्मोनल चेंज होने के कारण आपको काफ़ी थकावट महसूस होना एक नॉर्मल सी बात है| इसलिए इस अवस्था मे आपको काफ़ी रेस्ट लेने की सलाह दी जाती है. इसलिए खूब रेस्ट और अच्छी  नींद लें|

सोनोग्राफी / अल्ट्रा साउंड का सोचें

आपको 10 से 13 हफ़्तों मे डॉक्टर सोनोग्राफी के लिए बुलाती है| इस दौरान वो आपके बेबी की हार्टबीट और ड्यू डेट पता करती है|

हल्की फुल्की एक्सर्साइज़ करें

आपको अपना वेट और बेबी की सेहत के लिए हल्की फुल्की एक्सर्साइज़स करते रहना चाहिए| इससे आपकी और आपके बेबी की सेहत अच्छी होगी| अपनी एक्सर्साइज़ रूटीन मे पेल्विक फ्लोर एक्सर्साइज़ भी जोड़ें| इसके बारे मे आप अपने डॉक्टर से पूछें|

घरेलू काम भी कर सकती हैं लेकिन डिटरजेंट्स, केमिकल्स से काम करते समय रब्बर के दस्ताने डालना ना भूलें|

मॅटर्निटी ब्रा पहने

आपको पता होगा की स्तनों का फूलना और सूजन प्रेग्नेन्सी का लक्षण होता है| इसलिए आपको स्पेशल मॅटर्निटी ब्रा पहनने की सलाह दी जाती है| खास कर जब आप 8 से 10 हफ़्तों की गर्भवती हों| ये आपके स्तनों ओ अच्छा सपोर्ट प्रदान करती हैं|

मसाज करवाएं

गर्भावस्था से जुड़ी टेंशन और बॉडी pain को कम करने के लिए आप अपने हेड, शोल्डर्स, नेक आदि की मसाज कर सकती हैं| अपने पति को मसाज करने के लिए कह सकती हैं इससे आपका रिश्ता और गहरा होगा और आपको मेंटल सपोर्ट भी मिलेगा|

संभोग?

यदि आपका मूड हो तो आप संभोग भी कर सकती हैं| यदि कोई फिज़िकल यानि शारीरिक प्राब्लम ना हो तो गर्भावस्था मे संभोग करने मे कोई दिक्कत नही होती|

बच्चे के लिए बजट बनायें

यदि आपकी इनकम सोर्स ज़यादा नही है तो आप अपने बच्चे के लिए बजट बना लीजिए की उसके होने के बाद आपको किन किन चीज़ों मे पैसा इनवेस्ट करना होगा|

second trimester मे गर्भावस्था और देखभाल | कैसे करें 3 से 6 महीने गर्भावस्था में देखभाल | दूसरे तीमाही मे क्या करना चाहिए?

यदि आप अपने दूसरे ट्राइमेसटर मे आ चुकी हैं तो ये बहुत अच्छी बात है| दूसरे तीमाही मे गर्भपात के अवसर कम हो जाते हैं  साथ ही आपको गर्भावस्था के दौरान होने वाली उल्टी, जी मिचलाना, भूख ना लगना जैसे प्रॉब्लम्स से काफ़ी हद तक छुटकारा मिल जाता है| नीचे कुछ ज़रूरी टिप्स हैं जो की आपको 3 से 6 महीनों के दौरान फॉलो करने हैं|

डॉक्टर से मिलिए

जब आप अपने 18 से 20 हफ़्तों के बीच हो तो अपने डॉक्टर से मिलिए. डॉक्टर अल्ट्रसाउंड द्वारा बेबी के विकास और वृद्धि चेक करेगी| साथ ही आपके ब्लड प्रेशर, हेल्त और डाइट के बारे में भी जानकारी देगी|

इसके अलावा आपकी डॉक्टर आपको 25 से 28 weeks मे फिर बुलाएगी और इस दौरान आपके गर्भाशय के साइज़ को चेक किया जाएगा साथ ही आपका ब्लड और यूरिन टेस्ट भी किया जा सकता है|

आपकी डॉक्टर आपको जब जब भी बुलाए आप ज़रूर जायें क्योंकि सही टाइम पर सही जांच होना बहुत ज़रूरी है| इससे आपको आगे  कोई परेशानी नही आएगी|

वजन बढ़ना

प्रेग्नेन्सी मे weight gain  hormones के कारण और आपके बढ़ते बच्चे के कारण तोड़ा बढ़ जाएगा जो की एक नॉर्मल बात है| आपको अच्छी  डाइट मेनटेन करनी होगी (अपने डॉक्टर या डाइयेटेशियन की मदद लेकर)|

सही एक्सर्साइज़ का करिए चुनाव

प्रेग्नेन्सी मे वजन और सेहत सही रखने के लिए आपको कुछ हल्की फुल्की एक्सर्साइज़ करते रहना चाहिए| आप योगा का सहारा ले सकती हैं ( किसी योगा एक्सपर्ट की हेल्प से). तैराकी को भी लाइट और सेफ एक्सर्साइज़ माना जाता है| साथ ही मेडिटेशन आदि के द्वारा आपने आपको रिलॅक्स और स्ट्रेस फ्री रखने की भी कोशिश करनी है|

पानी खूब पीयें

आपको अपनी और अपने बेबी को पूरी तरह से हाइड्रेटेड रखना है और इसके लिए ज़रूरी है आप रोजाना लग भग  1.5 तो 2 लिटर पानी पीयें| नारियल पानी और जूसज़ पीना भी अच्छा आइडिया है| पानी आपके बेबी को ना केवल पोषण के सप्लाइ में मदद करता है बल्कि आपको गर्भावस्था मे होने वाली कब्ज, बवासीर, और यूरिनरी ट्रॅक्ट इन्फेक्षन (UTI)से भी बचाता है|

खुश रहें

आप खुश रहें और इसके लिए आप वेकेशन पर जा सकती हैं, मॅटर्निटी कपड़ों  की शॉपिंग कर सकती हैं, बेबी के नाम सोच सकती हैं , आचे कॉमेडी प्रोग्रॅम्स देख सकती हैं| कुल मिलाकर जो भी आपको अच्छा  लगे वो करें| यदि आप ऑफीस मे वर्क करती हैं  तो लीव लेकर अपने पति के साथ वेकेशन पर जाना एक अच्छा अनुभव हो सकता है| इससे आपको तोड़ा चेंज मिलेगा|

डेंटिस्ट से भी मिलिए

गर्भावस्था के दौरान hormones की उथल पुथल होने से कई लॅडीस मे गम्स और दांत सम्बन्धी प्रॉब्लम्स होना भी नॉर्मल होता है| यदि आपके मसूड़ों मे खून, मुँह से बदबू, दाँत मे दर्द या मुँह में किसी प्रकार को कोई इन्फेक्षन हो तो अपने डेंटिस्ट की सलाह और इलाज लें|

स्लीपिंग पोस्चर सुधारिए

आपको अच्छी नींद लेना बहुत ज़रूरी है साथ ही अपना स्लीपिंग पोस्चर भी अच्छा बनाना है ताकि बेबी को कोई नुकसान ना हो और बाबच्चे को ब्लड सप्लाइ मे कोई बढ़ा ना आये| साइड मे सोना अच्छा  माना जाता है वही उल्टा कभी भी नही सोना चाहिए|

Tummy को बचा कर रखें

कोई भी ऐसा काम ना करें जिससे आपके पेट पर चोट पहुँचे इससे बेबी को नुकसान हो सकता है| इसलिए खास तौर पर आपको अपनी tummy की देखभाल पर ध्यान देना होगा|

घूमिए फिरीए

आपको अपने पार्ट्नर के साथ खूब घूमना फिरना चाहिए जैसे गार्डेन मे , शॉपिंग मे आदि लेकिन इतना ज्यादा भी नही की आपको कोई प्राब्लम हो| कुल मिलाकर अपने आपको खुश, रिलॅक्स और वयस्त रखिए|

2 ट्राइमेसटर आपके लिए बहुत ही अच्छा समय होता है जिसमे कोई खास प्राब्लम नही होती| लेकिन यदि आपको कोई भी दिक्कत हो तो तुरंत अपने डॉक्टर की सलाह ले लें|

Third trimester में कैसे हो देखभाल | 6 से 9 महीने यानि  गर्भावस्था के आखरी 3 महीनों मे क्या करे?

पहले और तीसरा ट्राइमेसटर प्रेग्नेन्सी मे बहुत अहम् होता है जिसमें आपको कुछ विशेष सावधानियाँ रखनी होती हैं|  इन आखरी हफ़्तों में आपके बेबी का नयी दुनिया मे आने का फाइनल काउंट डाउन शुरू हो जाता है| इस दौरान आपको नीचे दी गयी प्रेग्नेन्सी केयर टिप्स इन हिन्दी का पालन करना होगा|

बेबी की मूव्मेंट्स पर ध्यान दो

प्रेग्नेन्सी के आखरी महीनों मे आपके बेबी का साइज़ तेज़ी से बढ़ेगा और आपको हिलने डुलने का एहसास लगातार होता रहेगा| लेकिन यदि आपको कुछ भी ऐसा लगे जो की सही ना हो तो अपने डॉक्टर से मिलें|

Gynecologist से लें अपॉइंटमेंट

इस मुलाकात मे आपकी डॉक्टर आपको प्रेग्नेन्सी, delivery और दूसरि जानकारी देगी| इस दौरान वो आपका अल्ट्रसाउंड भी कर सकती है जिससे बच्चे के सही विकास का पता चले| यदि आपको 41 हफ़्तों तक बच्चा नही होता तो आपको obstetrician की हेल्प लेनी होगी|

प्रेग्नेन्सी के लक्षण पहचाने

यदि आपको तेज सर दर्द, आँखों की आगे धुँधलापन, हाथ और पैरों की सुजन जैसे लक्षण हो रहे हैं तो तुरंत अपने डॉक्टर से मिलें| ये  Ye  pre-eclampsia condition  के लक्षण हो सकते हैं जो की अक्सर थर्ड ट्राइमेसटर मे होता है|

स्वस्थ खाओ तन मन जगाओ

अच्छी, सेहतमंद और संतुलित खुराख आपके और आपके बेबी के लिए बहुत ज़रूरी है| यहाँ आपको आयरन से भरपूर फुड्स खाने की अक्सर सलाह दी जाती है| अपने डाइयेटेशियन से और डॉक्टर से पूरी जानकारी लेकर एक अच्छा डाइयेट प्लान बनवायें और उसे फॉलो करे|

स्ट्रेचिंग एक्सर्साइज़ की प्रॅक्टीस करें

कुछ हल्की फुल्की स्ट्रेचिंग एक्सर्साइज़ करें जिससे आपकी कमर, टांगों आदि को तोड़ा रिलॅक्सेशन मिले और आपका ब्लड सर्क्युलेशन अच्छा बना रहे|

पेट की मसाज

क्योंकि आपका बेबी बढ़ रहा है और आपको फुल टाइम फ्री रहना पड़ रहा है तो क्यों ना अपने पेट की हल्की फुल्की मसाज कर ली जाए| अपने पेट पर हल्के हल्के हाथ फैरिये इससे आपको रिलीफ मिलेगा और कभी कभी छोटू की किक भी|

बेबी से बातें करें

यदि आपके पति काम पर गये हैं और आप फ्री बैठी हैं तो बेबी से बातें करे, उसे गाने सुनायें ऐसा करने से आपको भी अच्छा लगेगा और आपकी बेबी के साथ बॉनडिंग भी अच्छी होगी|

लेबर और कॉंट्रॅक्षन को समझें

आप किसी बड़े बुजुर्ग के साथ लेबर और delivery से पहले होने वेल कॉंट्रॅक्षन के बारे मे समझकर अपनी जानकारी बढाएं| इससे आप डेलिवरी के लिए मानसिक रूप से तैयार हो जायंगी|

अच्छे के लिए कपडे खरीदिये

बच्चे की कोमल त्वचाको ध्यान मे रखते हुए उसके लिए कपडे जैसे घरेलू लंगोट, नॅपीस, बिब आदि खरीदे या अपने बड़ों को बनाने के लिए कहें| इससे बाद मे आपको परेशानी नही होगी| बच्चा बार बार मूत्र भी करेगा जिसके लिए आपको समय समय पर बहुत सारे बच्चे के नीचे बिछाने वाले कपड़ों की ज़रूरत पड़ेगी| इस लिए ये सभी तैयारी अभी कर लेना ही सही होगा|

हॉस्पिटल बैग करिए तैयार

आपको अपनी due डेट पता होती है इसलिए अपने बैग को पहले ही तैयार कर लें तो अच्छा होगा|  इसमे आपके और आपके बच्चे के लिए ज़रूरी सामान पॅक कर के रख लें|

नींद पूरी लीजिए

आपको पूरी नींद लेना बहुत ज़रूरी है| नींद रिलॅक्स और स्ट्रेस फ्री रहने का एक अच्छा ऑप्षन है| एक्सपर्ट्स के अनुसार लेफ्ट साइड मे सोना गर्भावस्था मे अच्छा होता है|

हेवी चीज़ ना उठायें

प्रेग्नेन्सी के आखरी तीन महीनो मे कुछ भी भारी वास्तु ना उठायें| इससे आपके बच्चे और आपकी पीठ मे चोट पहुँच सकती है|

इसके अलावा स्तनपान के लिए खुद को तैयार करें, अच्छा  हॉस्पिटल बुक करें, हेलपर्स को बुला लें, delivery के लिए खुद को तैयार करें आदि कुछ छोटी छोटी बातें हैं जो की आपको आखरी 3 महीनो में  सोचनी होंगी|

ये प्रेग्नेन्सी केयर टिप्स आपको कैसे लगे और गर्भावस्था के ट्राइमेसटर मे देखभाल के बारे मे यदि कोई प्रशन या सुझाव हैं तो hindilookup टीम को तुरंत बेझें..

लोगों की इतनी help की लेकिन youtube चैनल subscribe किसी ने नहीं किया अभी तक


 

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