गुदा में दरार, कट या घाव (fissure) का ऑपरेशन (सर्जरी) से इलाज – fissure treatment with surgery in Hindi

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fissure in Hindi meaning | फिशर क्या होता है?

गुदा में फिशर होना एक सामान्य समस्या है जो किसी को भी हो सकती है फिर चाहे बच्चे हों, बड़े हों या बूढ़े लोग| fissure in Hindi meaning की जानकारी चाहते हैं तो इतना जान लीजिये की गुदा में fissure कुछ और नहीं बल्कि गुदा में घाव बानना या गुदा में दरार या कट हो जाना को कहते हैं| जिसके कारण रोगी को गुदा में तेज दर्द, गुदा में खुजली जलन, मलद्वार का जलना और सूजन जैसे लक्षण सहने पड़ते हैं| गुदा में दरार यानि फिशर होने पर रोगी को latrine यानि मल त्याग के दौरान और बाद में कुछ घंटों तक गुदा में तेज जलन और दर्द होता है| यह दर्द इतना तेज होता है की दर्द से रोगी के पसीने भी छूट सकते हैं| गुदा के fissure का ऑपरेशन या सर्जरी से इलाज से पहले हम गुदा में फिशर से सम्बंधित कुछ जानकारी देना चाहते हैं ताकि आपको ऑपरेशन से पहले fissure का इलाज कैसे करना है की जानकारी हो सके|

fissure ka ilaj surgery

फिशर होने के कारण | causes of fissure in Hindi

गुदा में दरार होना या फिशर की समस्या का गुदा में कट या घाव बनना के कई कारण हो सकते हैं जैसे

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कब्ज का रहना और मल त्याग के समय अधिक जोर लगाने से गुदा में दरार का बनना|

डिलीवरी या बच्चा होने के बाद फिशर की समस्या कई महिलाओं को हो जाती है इसका कारण होता है डिलीवरी के दौरान गुदा पर पड़ना वाला pressure.

गुदा में घाव होना या चोट लग जाना या गुदा में इन्फेक्शन के कारण फिशर होना|

अधिक बैठने वाला काम करने से गुदा में खून का प्रवाह रुकना जिससे fissure होने की सम्भावना बढती है|

इसके अलावा fissure के कई और कारण होते हैं जैसे क्रोहन रोग, बवासीर आदि|

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लेकिन गुदा में दरार बनाने का सबसे बड़ा कारण होता है कब्ज रहना और उसके कारण आपको मल त्याग के समय जोर लगाने से या कठोर मल से लगने वाला कट या जख्म जो की मल को निकलने के लिए लगाये गए अधिक जोर के कारण और बड़ा हो जाता है|

गुदा फिशर के लक्षण | symptoms of fissure in Hindi

गुदा में फिशर होने के लक्षणों की बात की जाए तो यह बहुत से हो सकते हैं जैसे

शौच या मल त्याग के समय खून का आना

मलद्वार पर तेज दर्द और सूजन रहना

गुदा में घाव बनना जिसके कारण खुजली होते रहना

मल त्यागने में दर्द के कारण होने वाली परेशानी

गुदा में दर्द के कारण बेचैनी होना या घबराहट रहना

गुदा में फूला फूला का अहसास होना

चलने उठने-बैठने मैं परेशानी होना

अधिक चिड़चिड़ापन रहना

गुदा के आसपास की चमड़ी में इरिटेशन रहना और गुदा में गांठ होना

गुदा में फिशर होने पर दर्द के कारण लोग मल त्याग करने में परहेज करने लगते हैं जिससे उन्हें कब्ज की समस्या रहने लगती है फिशर के कारण कब्ज रहना भी गुदा में दरार या घाव होने का लक्षण हो सकता है|

फिशर में दर्द क्यों होता है ? why fissure causes pain

गुदा में दर्द जोकि फिशर के कारण होता है वह या तो तब हो सकता है जब गुदा को कंट्रोल करने वाली मांसपेशियां sphincter मसल्स को नुकसान पहुंचे या इन मांसपेशियों में मरोड या ऐंठन आए और ऐसा तब अधिक होता है जब आपको फिशर हो और आपको मल त्याग के समय अधिक जोर लगाना पड़ रहा हो इसके इलावा पेट में गैस होने पर या कब्ज रहने पर भी मांस पेशियों पर जोर पड़ता है और इस दबाव के कारण आपको गुदा में दर्द सहना पड़ता है|  गुदा में पाई जाने वाली मसल्स में खून का दौरा कम होने से भी आपको गुदा में दर्द उनकी शिकायत हो सकती है ऐसा उन लोगों में अधिक हो पाया जाता है जो लोग देर तक एक स्थान पर बैठे रहते हैं|

क्या बिना ऑपरेशन फिशर का इलाज संभव है | fissure treatment without operation or surgery

फिशर का इलाज बिना ऑपरेशन के तभी संभव होता है जब फिशर की प्रॉब्लम आपकी गुदा में अभी शुरू ही हुई है| यदि आप की कब्ज लंबे समय तक नहीं चलती और आप नॉर्मल रूप से latrine कर पाते हैं तो छोटी मोटी फिशर की प्रॉब्लम अपने आप ही सही हो जाती है बिना किसी इलाज के सर्जरी के|

यदि आपके गुदा में कट, घाव या फिशर होने की संभावना आपको नजर आ रही है सबसे पहले आपको कब्ज से छुटकारा पाने की कोशिश करनी चाहिए| constipation यानि कब्ज से छुटकारा पाने के निम्न तरीके हैं जिन्हें अपनाकर आप फिशर की प्रॉब्लम से बचाव कर सकते हैं|

अपने भोजन में फाइबर युक्त खाद्य पदार्थों को जोड़िए|

दिन भर में 3 लीटर तक पानी पीने की कोशिश करिए|

शराब कॉफी चाय सोडा के स्थान पर पानी और फाइबर युक्त फल और सब्जियों के रस कीजिए नारियल पानी नींबू पानी के इलावा फ्रूट जूस पीकर आप पानी की कमी दूर कर सकते हैं और कब्ज रहने की शिकायत भी|

इसके अलावा आप कब्ज दूर करने के लिए कुछ दिन इसबगोल पाउडर को दूध के साथ लीजिए ताकि आपकी कब्ज की समस्या गुदा में घाव या फिशर की उत्पन्न ना कर सके|

आप कब दूर करने की दवा या मेडिसिन भी डॉक्टर से ले सकते हैं आमतौर पर डॉक्टर आपको स्टूल सॉफ्टनर जैसे कि पाउडर यह मल को नरम बनाने वाली गोलि, पाउडर या दवा देता है|

इसके इलावा बिना ऑपरेशन के फिशर का इलाज तब किया जाता है जब आपकी फिशर की समस्या शुरू हुई हो| इसके लिए आप डॉक्टर से निवारक दवाई गुदा को सुन करने वाली क्रीम या मलद्वार से जलन और दर्द को हटाने वाली दवाई ले सकते हैं जिससे कि फिशर होना शुरुआत में ही रुक जाएगा और कुछ दिनों में अपने आप सही भी हो जाएगा|

यदि आपकी फिशर की समस्या बड़ी नहीं है और आपकी कब्ज की शिकायत भी सही हो गई है लेकिन फिर भी आपको मल त्याग करने में बहुत परेशानी है दर्द का सामना करना पड़ रहा है तो आप डॉक्टर से नाइट्रोग्लिसरीन युक्त ऑइंटमेंट लेकर गुदा पर लगा सकते हैं यह मलद्वार की मसल्स को रिलैक्स करने में मदद करेगी जिससे आप को टट्टी करते वक्त दर्द नहीं होगा|

गुदा में फिशर का ऑपरेशन क्यों जरुरी होता है | fissure ka operation kab kiya jata hai | गुदा में दरार या घाव को ठीक करने की सर्जरी

अक्सर लोग हमें यह पूछते हैं की गुदा में घाव या दरार यानी फिशर का इलाज करवाने के लिए ऑपरेशन कब जरूरी होता है और क्यों ?

देखिए जब आपको गुदा में घाव या दरार यानी फिशर की समस्या होती है और यदि फिशर के इलाज के लिए अपनाए गए देसी घरेलू नुस्खे और उपाय काम नहीं करते या फिर फिशर ठीक करने का मेडिकल इलाज और दवा भी फेल हो जाते हैं तब आपको भविष्य में फिशर के द्वारा होने वाली गंभीर समस्याओं से बचने के लिए गुदा की फिशर को ठीक करने के लिए ऑपरेशन द्वारा ही इलाज करवाना पड़ता है| यदि ऐसा ना किया जाए तो आपको गुदा से संबंधित गंभीर रोग हो सकते हैं आगे चलकर यह समस्या गंभीर रूप धारण कर सकती है जैसे गुदा का ट्यूमर और यदि समय पर इस का इलाज ना करवाया जाए तो आगे इस का ऑपरेशन और इलाज में बहुत दिक्कत आ सकती है| इसलिए गुदा में दरार या फिशर होने की समस्या होने पर यदि घरेलू या डॉक्टरी इलाज काम नहीं कर रहा है तो किसी अच्छे गैस्ट्रोलॉजिस्ट से मिलकर फिशर के इलाज में किए जाने वाले ऑपरेशन और सर्जरी के बारे में पूरी जानकारी लें|

हमने आपकी सुविधा के लिए और आपको फिशर के ऑपरेशन के बारे में सरल जानकारी देने के लिए अपना पूर्ण प्रयत्न किया है| आमतौर पर गुदा में फिशर की समस्या का इलाज ऑपरेशन द्वारा निम्न चरणों में किया जाता है

फिशर के ऑपरेशन से पहले आपको क्या करना होता है | preoperative information before fissure operation or surgery

गुदा की फिशर का ऑपरेशन या सर्जरी से पहले डॉक्टर आपको मानसिक रूप से तैयार करता है और आपको ऑपरेशन से संबंधित सभी प्रकार की जानकारियां देने की कोशिश करता है|

फिशर की सर्जरी होने से एक रात पहले आपको खाने या पीने की अनुमति नहीं दी जाती|

आपको सर्जन और anesthesiologist कुछ दवाइयां मेडिसिन देते हैं जो कि आपको सर्जरी से पहले लेनी होती है|

इसके अलावा यदि आपके खून पतला करने वाली कोई दवाई चल रही है तो उसे फिशर की सर्जरी से 5 दिन पहले ही बंद करवा दिया जाता है ताकि ऑपरेशन के दौरान अधिक खून बह जाने की समस्या न हो|

सर्जरी के कुछ देर पहले यह सुनिश्चित किया जाता है कि आपका पेट बिल्कुल साफ हो यदि आपके पेट में मल होता है तो उसे डॉक्टर एनिमा देखकर निकाल देता है|

फिशर का ऑपरेशन से आपकी फिशर को ठीक करने का इलाज यदि डॉक्टर ने बताया है तो आपको डॉक्टर पूरी जानकारी भी दे देगा |

फिशर के ऑपरेशन से पहले आपको क्या करना है क्या नहीं क्या खाना है क्या नहीं के बारे में जानकारी आपको आपके शरीर की स्थिति, आपको किसी प्रकार का कोई रोग है या नहीं आपकी गुदा की फिशर की कंडीशन क्या है आदि बातों के आधार पर डॉक्टर आपको दे देगा|

Guda me fissure ka operation kaise hota hai | कैसे होती है फिशर की सर्जरी | fissure operation in Hindi

यदि गुदा में फिशर बिगड़ जाए यह बढ़ जाए और आपको फिशर के इलाज का ऑपरेशन करवाना है तो अधिकतर डॉक्टर इस स्थिति में आपको lateral internal sphincterotomy करवाने की सलाह दे सकता है |

जिसमें डॉक्टर आप को बेहोश करके या आप की कंडीशन के आधार पर आपकी गुदा की नसों को सुन करके फिशर का ऑपरेशन करता है|

ऐसे ऑपरेशन में आप की गुदा में sphincter मैं चीरा लगाकर उसकी आंतरिक परत को बांट दिया जाता है जिससे आपको बाद में फिशर से होने वाला दर्द नहीं होगा और फिशर जल्दी ठीक होना शुरू हो जाएगी|

यदि फिशर का आकार बहुत बड़ा है तो हो सकता है डॉक्टर आपकी फिशर की चमड़ी को अलग करके उसकी जगह दूसरी चमड़ी लगा दे|

गुदा के ऑपरेशन के प्रकार कई होते हैं यदि आपको फिशर की समस्या परेशान कर रही है तो आपको डॉक्टर से ही सलाह करनी पड़ेगी आपका कौन सा ऑपरेशन करना है यह निर्णय डॉक्टर ही लेगा|

कुल मिलाकर ऑपरेशन में यह सुनिश्चित किया जाता है कि रोगी को अपनी समस्या से मुक्ति मिले और फिशर की समस्या भविष्य में दोबारा ना हो|

fissure के ऑपरेशन के बाद सावधानी, घाव की देखभाल और खाने पीने सम्बंधित जरुरी जानकारी |fissure  post operation care

फिशर ठीक होने में कितना समय लगता है | fissure ऑपरेशन के बाद पूरी तरह सही होने में लगने वाला समय

जैसा की हमने पहले ही बताया एनल फिशर की सर्जरी क्या ऑपरेशन कई प्रकार का हो सकता है और आपको ऑपरेशन के बाद पूरी तरह स्वस्थ होने में कितना समय लगेगा इस बात पर निर्भर करता है कि आपके कौन से प्रकार का ऑपरेशन हुआ है| अधिक जानकारी आप डॉक्टर से भी प्राप्त कर सकते हैं|

fissure ke operation ke baad kab chal fir sakte hain | fissure सर्जरी इलाज होने के बाद घूमना फिरना

फिशर का ऑपरेशन होने के बाद आपको एक रात आराम करने दिया जाएगा और उसके अगले दिन डॉक्टर के कहने पर आपको थोड़ा-बहुत चलने की और हिलने-डुलने की हिदायत दी जाएगी|

ऑपरेशन के बाद चलना फिरना इसलिए भी जरूरी होता है क्योंकि इससे आपकी ऑपरेशन वाली जगह पर खून का थक्का बनने की संभावना कम रहती है आपकी श्वसन प्रणाली सुधरती है और आप को निमोनिया होने का खतरा नहीं रहता|

फिशर का ऑपरेशन के आधार पर डॉक्टर आपको चलने उठने या बैठने की सही जानकारी देगा आमतौर पर आपको बैठते समय अपने गुदा पर दबाव नहीं देना होता उसके लिए आपको बैठने के लिए तकिए दिए जाएंगे और आप को यह हिदायत दी जाएगी कि आप साइड पर ही बैठे जिससे फिशर के ऑपरेशन वाली जगह पर जोर ना पड़े|

ऑपरेशन के बाद आपको सुन करने वाली और नशे वाली दवा दी जाती है ताकि आपको दर्द का एहसास कम हो इसलिए जब तक आपकी दवाइयां चल रही हो तब तक आपको ड्राइविंग नहीं करनी चाहिए|

फिशर के ऑपरेशन के बाद रिकवरी में लगभग 15 दिन तक लग जाते हैं और उसके बाद आप अपने सभी कार्य आसानी से कर सकते हैं| लेकिन आपको कुछ महीनों तक अपनी डाइट यानी खानपान का विशेष ध्यान रखना पड़ता है क्योंकि ऑपरेशन के बाद गूदा थोड़ी नाजुक हो जाती है इसलिए खाने पीने में परहेज ना करना से आपको कब्ज और दोबारा फिशर की समस्या हो सकती है|

सर्जरी के बाद नहा धो कर सकते हैं | bathing after fissure operation

सर्जरी वाले दिन के अगले दिन डॉक्टर से पूछकर नहा सकते हैं लेकिन आपको इस बात का ध्यान रखना होता है कि ऑपरेशन वाली जगह पर पानी ना लगे या कोई साबुन ना लगे जिससे कि आप के ऑपरेशन वाली जगह को कोई नुकसान पहुंचे| डॉक्टर से पूछकर आप नहाने की विधि और कौन सा साबुन प्रयुक्त करना है साबुन का प्रयोग बिल्कुल नहीं करना के बारे में आप अधिक जानकारी प्राप्त कर सकते हैं|

fissure के ऑपरेशन के बाद घाव की देखभाल कैसे करे | wound care after fissure ka operation

गुदा में फिशर के इलाज का ऑपरेशन होने के बाद सर्जरी के बाद बनने वाला घाव को विशेष ध्यान रखना होता है और गुदा के आसपास का स्थान आप को साफ और सूखा रखने की सलाह दी जाती है

आपको डॉक्टर मल त्याग के बाद गुर्दा की सफाई के लिए कोई सलूशन दे सकता है जिसे पानी में घोलकर आप को गुदा  की साफ सफाई रखनी होती है

आपको गुदा साफ करने के लिए सॉफ्ट बेबी टिशू का इस्तेमाल करने की भी सलाह दे सकते हैं ताकि आपके गुदा पर जो टांके लगे हैं उन को नुकसान ना पहुंचे

घर की देखभाल के लिए आप को समय समय पर डॉक्टर से जांच करवाते रहना पड़ता है|

गुदा के ऑपरेशन के बाद खून या मवाद (pus) आये तो क्या करें? | mucous and blood after fissure surgery

फिशर का ऑपरेशन होने के कुछ दिन बाद तक आपकी गुदा से खून या मवाद निकल सकती है जिसके लिए आपको अंडरवियर के अंदर नैपकिन रखने यह कॉटन पैड लगाने की सलाह दी जाती है| हो सकता है कि ऑपरेशन करने के बाद आप मल को रोक ना पाए जो कि एक आम बात है लेकिन यदि आपको गुदा से बहुत ज्यादा ब्लीडिंग हो रही है तो तुरंत आपको अपने सर्जन से मिलना चाहिए के इलावा यदि आपको बुखार हो या अधिक मात्रा में मवाद आने लगे तब भी आपको डॉक्टर से तुरंत मिल लेना चाहिए|

इसके इलावा यदि आपको ऐसा लगे कि मलद्वार की सूजन आसपास की त्वचा तक बढ़ रही है और त्वचा में लालिमा हो रही है तब डॉक्टर से आपको संपर्क कर लेना चाहिए इसके इलावा खून 1 हफ्ते से ज्यादा बहे तो आपको डॉक्टर से उसका जल्दी इलाज लेना होगा|

Fissure ke operation ke  baad hone waka dard kaise roke | fissure surgery ke baad  Pain Management ke liye dawa / medicines

फिशर की सर्जरी के बाद गुदा में दर्द और सूजन रहना एक आम बात है और खासकर यह दर्द आपको टट्टी करते यह मल त्याग करते समय अधिक सहना पड़ता है| इसी कारण आपका डॉक्टर आपको गुदा के ऑपरेशन होने के बाद दर्द निवारक दवा देता है साथ ही आप को कम पावर वाली नशे वाली दवा भी दे सकता है ऐसी मेडिसिन मेंacetaminophen पाया जाता है जिससे कि आपको दर्द का एहसास कम हो और आपको आराम से नींद आ सके |

साथ ही आप को यह भी ध्यान रखना होता है कि आपको ऑपरेशन के बाद अपने नीचे वाले भाग में ज्यादा दबाव नहीं देना है यानी आपको ज्यादा देर खड़ा या बैठना नहीं है और एक बात यह जान लीजिए कि आपको ऑपरेशन के बाद दर्द कम होगा या नहीं होगा इस बात पर निर्भर करता है कि आप डॉक्टर द्वारा दी गई दवा को समय से लेते हैं या नहीं|

Fissure me kya khana chahiye kya nahi | फिशर ऑपरेशन के बाद खान पान (डाइट)

फिशर का ऑपरेशन हो जाने के बाद डॉक्टर आपको खाने पीने और परहेज रखने संबंधी पूरी जानकारी देता है और आम तौर पर डॉक्टर आप को हाई फाइबर डाइट खाने की सलाह देता है जिससे कि आपको कब्ज की शिकायत ना हो पाए| इसके साथ डॉक्टर आपको मल को कोमल बनाने वाली दवा या मेडिसिन भी दे सकता है जिससे मल त्याग के समय ऑपरेशन वाली जगह पर कम से कम जोर पढ़े और आपको कोई परेशानी ना हो|

फिशर में क्या खाना चाहिए क्या नहीं यह आपकी डाइट क्या होनी चाहिए के बारे में आप अपने डॉक्टर से डाइट चार्ट बन तैयार करवा ले कुल मिलाकर आपको फाइबर से भरपूर डाइट लेने की सलाह दी जाएगी उसके इलावा आपको दिन में ढेर सारा पानी पीने की भी सलाह दी जाएगी जिससे आपका मन सॉफ्ट हो सके और आप को कब्ज की शिकायत ना हो पाए|

फिशर में परहेज की बात की जाए तो आपको ऐसा कुछ नहीं खाना जिससे आपके पेट का स्वास्थ्य बिगड़े जैसे मिर्च-मसालेदार खाद्य पदार्थ, अधिक तैलीय पदार्थ फास्ट फूड, चाय, कॉफी, शराब ,पान सुपारी , मैदे से बनी चीजें आदि|

इसके इलावा आपको अपना खानपान हल्का और पोषणयुक्त खाने की सलाह दी जाएगी आप को सही पोषण मिलता रहे इसके लिए डॉक्टर आपको मल्टीविटामिन सप्लीमेंट भी लिख सकता है|

कब डॉक्टर से मिलना है जरुरी? | when to see a doctor after surgery

वैसे तो गुदा में फिशर के ऑपरेशन के बाद आप को समय समय पर पट्टी बदलवाने के लिए और अपनी रिकवरी की जांच करवाने के लिए डॉक्टर से मिलते रहना चाहिए या यूं कहें कि मिलना भी पड़ता है| लेकिन यदि आपको निम्न लक्षण दिखाई दें तो तुरंत आपको डॉक्टर के पास चले जाना चाहिए

आपको 101 डिग्री से अधिक का बुखार हो रहा है|

गुदा के चारों तरफ सूजन और लालिमा आ गई हो यानी स्किन इन्फेक्शन होने के लक्षण|

यदि ऑपरेशन वाली जगह से बदबूदार मवाद या द्रव निकल रहा हो तो यह इंफेक्शन का लक्षण हो सकता है|

यदि आपको पेट संबंधी परेशानियां चलाना बार-बार उल्टी होना यह पेट में तेज दर्द होना हो तो डॉक्टर से जरूर मिलिए|

यदि दर्द निवारक दवा लेने के बाद भी आप को दर्द से आराम नहीं मिल रहा|

यदि आपकी ऑपरेशन वाली जगह से खून आना रुक नहीं रहा हो तो|

यदि आपको पेशाब करने में कोई समस्या आ रही है यह पेशाब निकल नहीं रहा तो इलाज जल्द करवाइए|

यदि आपकी टांगों में सूजन है यह सांस लेने में परेशानी हो रही है या फिर आपकी छाती में कहीं दर्द है तो इसे हल्के में नहीं लेना चाहिए| यह खून के थक्का जमने के भी लक्षण हो सकते हैं जिस का तुरंत इलाज करवाना चाहिए वरना स्ट्रोक होने की संभावना हो सकती है|

Fissure ka operation se ilaj के बारे में हमने आपको पूरी जानकारी दे दी है| हमने आप को यह भी बताया कि फिशर के ऑपरेशन से पहले और बाद में आपको क्या सावधानियां रखनी चाहिए और आपका खानपान या डाइट कैसी होनी चाहिए अधिक जानकारी के लिए आप अपने डॉक्टर से  प्राप्त कर सकते हैं\ यदि हमसे कोई सवाल पूछना है तो निसंकोच पूछिए||

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