IVF ट्रीटमेंट क्या है – कैसे होता है step by step process

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क्या है ivf ट्रीटमेंट?

Ivf के तकनीक है जिसका फुल फॉर्म होता है In Vitro Fertilization इस तकनीक में जिसमें औरत के अंडे का पुरुष के शुक्राणु के साथ लेबोरेटरी में फर्टिलाइजेशन करवाया जाता है और इससे बनने वाले भ्रूण को महिला के गर्भाशय में स्थापित कर दिया जाता है| ivf तकनीक उन शादी शुदा जोड़ों के द्वारा अपनाई जाती है जो बाँझपन या नपुंसकता के चलते संतान सुख भोगने में असमर्थ होते हैं| साथ ही उन दम्पतियों के लिए एक आप्शन है जो बाँझपन और नपुंसकता का इलाज करवाकर थक चुके हैं|

ivf treatment

क्या है in vitro का अर्थ या मतलब और इसे किसने खोजा?

in vitro का अर्थ होता है “शीशे में” या एक लैटिन शब्द है| शीशे में इससे इसलिए कहा गया क्योंकि जब इसकी खोज हुई तब इस तकनीक में शीशे की बनी टेस्ट tubes का इस्तेमाल होता था यही कारण है की इस तकनीक द्वारा जन्मे बच्चों को test tube babies कहा जाता है| इस तकनीक को Dr Robert G. Edwards ने खोजा था जिन्हें इस कार्य के लिए वर्ष २०१० में नोबल प्राइज से सम्मानित भी किया गया था|

IVF process को step by step जानिये

IVF तकनीक में सबसे पहले दंपत्ति यानि उन जोड़ों का test होता है जो की कृत्रिम गर्भाधान यानि IVF द्वारा test tube baby पाना चाहते हैं| इसमें डॉक्टर आदमी और औरत का test करता है| इस तकनीक में डॉक्टर महिला के हॉर्मोन लेवल को चेक करता है जो की महिला के शरीर में अंडे के निर्माण के लिए जिम्मेदार होता है| यदि हॉर्मोन शरीर में कम हैं तो डॉक्टर महिला को इंजेक्शन देता है जिसके द्वारा महिला में अंडे बनने के प्रक्रिया तेज हो जाती है| IVF तकनीक में निम्न steps होते हैं|

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step 1 – stimulation – इसमें महिला को ऐसी दवाएं दी जाती हैं जो की महिला के शरीर में अण्डों की संख्या बढाने में मदद करती हैं|

step 2 – Egg Retrieval – इसमें छोटी सी सर्जरी होती हैं जिसमें आपका डॉक्टर एक स्पेशल सुई की मदद से आपके अंडाशय से अंडे को निकालता है| इस प्रक्रिया में दर्द नहीं होता बस कुछ महिलाओं में इसके बाद पेट में मरोड़ की शिकायत हो सकती है|

step 3 – Insemination and Fertilization – इसमें अण्डों को एक निश्चित तापमान पर रखा जाता है और उनके निषेचन यानि फर्टिलाइजेशन के लिए पुरुष के बढ़िया क्वालिटी की शुक्राणुओं का चुनाव किया जाता है| अंडे को शुक्राणु से मिलाया जाता है और कुछ घंटों बाद निषेचन प्रक्रिया पूर्ण हो जाती है|

step 4 – Culturing the Embryo – इसमें उच्च कोटि की परिस्तिथियों में डॉक्टर निषेचित अंडे का बहुत बारीकी से ध्यान रखता है| इस प्रक्रिया में अंडे से भ्रूण बनने के process का अच्छी तरह से ध्यान रखा जाता है| इसमें यह भी जांच की जाती है की बनने वाले भ्रूण में को अनुवांशिक खराबी ना हो| यदि आपका भ्रूण एक दम स्वस्थ है तभी डॉक्टर आपके भ्रूण को वृद्धि के लिए आपके गर्भाशय में स्थापित करते हैं|

step 5 – Implantation or Embryo Transfer – इस step में डॉक्टर नए भ्रूण को महिला की कोख में स्थापित कर देते हैं| यह process भ्रूण के बाने के 3 से 5 दिन के बाद होता है| इस process का success rate भ्रूण के कोख में स्थापन पर निर्भर करती है| यदि 2 भ्रूण स्थापित हो जायें तो जुड़वाँ बच्चे होने की संभावना भी होती है|

ivf के side effects | नुकसान क्या हैं?

इस तकनीक में फर्टिलाइजेशन बढ़ने वाली दावा के प्रभाव से महिला को मूड स्विंग, सर दर्द और पेट दर्द होने की शिकायत हो सकती है|

बहुत कम महिलाओं में ovarian hyperstimulation syndrome (OHSS) होने की संभावना होती है जिसमें उनके पेट और छाती में द्रव एकत्रित हो जाता है जिसकी वजह से उनमें पेट दर्द, पेशाब कम आना, बहुत तेजी से वजन बढ़ना, सांस फूलना आदि शिकायत हो सकती है|

इसमें premature birth की सम्भावना अधिक हो सकती है|

कब्ज और स्तनों में सुजन भी ivf का नुक्सान या side effect हो सकता है|

यदि शुक्राणु या अंडाणु किसी दुसरे का हो तो जोड़ों में मानसिक तनाव भी होने की सम्भावना होती है|

नोट:- यदि आपको भारी मात्रा में खून आना, प्राइवेट पार्ट्स में दर्द होना, पेशाब के साथ खून आना या फिर बुखार हो गया है तो तुरंत अपने डॉक्टर की सलाह और इलाज लें|

ivf कितनी बार करवाया जा सकता है?

देखिये डॉक्टर कहते हैं की 3 से 4 बार ivf को बिना दिक्कत के करवाया जा सकता है लेकिन दो बार करवाना ज्यादा सेफ होता है|

ivf ट्रीटमेंट में कितना समय लगता है?

अलग अलग problems के हिसाब से ट्रीटमेंट के तरीके भी अलग अलग होते हैं| वैसे इस ट्रीटमेंट में लगभग १० से ३० दिनों का समय लग सकता है|

ivf करवाने में कितने रूपए लगते हैं?

ivf ट्रीटमेंट के हिसाब से खर्चा होता है| ज्यादातर इलाज 15000 से डेढ़ लाख के बीच हो जाता है| अधिक जानकारी आप किसी ivf स्पेशलिस्ट से मिलकर पा सकते हैं|

ivf success rate के बारे में जानकारी

ivf की सफलता आपकी उम्र पर निर्भर करती है मतलब कम उम्र की महिलाओं में बड़ी उम्र की महिलाओं की अपेक्षा success rate ज्यादा होती है| 35 साल से कम उम्र की स्त्री में 40 परसेंट सफल की सम्भावना होती है और यदि महिला की उम्र 42 या उससे ज्यादा है तो success rate 4 परसेंट के आस पास होती है|

यदि पहले आपके कई गर्भपात हो चुके हैं तो success की सम्भावना काफी कम होगी|

आप या आपके पति का बाँझपन यदि लम्बे समय से चल रहा है तब भी success की rate कम होगी|

स्मोकिंग करने वाली महिलाओं में सफलता की दर कम होती है| स्मोकिंग करने वाली महिलाओं की ivf ट्रीटमेंट से 3 महीने पहले धूम्रपान छोड़ने की सलाह दी जाती है ताकि सफलता मिलने के chances अधिक हों|

पतली महिलाओं में मोटी महिलाओं की अपेक्षा सफलता मिलने के chance अधिक होते हैं|

sucess rate अच्छी पाने के लिए आपको बेहतर से बेहतर ivf फर्टिलिटी क्लिनिक का चुनाव करना होता है मतलब उस क्लिनिक का जिसका रिकॉर्ड काफी अच्छा हो|

इनके अलावा सफलता मिलने की दर और भी कई कारकों पर निर्भर करती है  जिन्हें आप अपने डॉक्टर से मिलकर जान सकते हैं|

ivf के फायदे क्या हैं ? किन लोगों को ivf का सहारा लेना चाहिए? | benefits of ivf in Hindi

ivf के कई फायदे हैं और इसी कारण आजकल लोगों का रुझान इस और बढ़ रहा है|

ivf का सबसे बड़ा फ़ायदा उन जोड़ों के लिए हैं जो बाँझपन, नपुंसकता, नील शुक्राणु या फिर बड़ी उम्र के कारण माँ बाप बनने से वंचित रह गए हैं|

ivf के sucess रेट्स काफी अच्छे होते हैं इसलिए यह उन लोगों के लिए एक आशा की किरण हैं जो संतान सुख ना भोग पाने के कारण निराश हो चुके हैं|

यह ट्रीटमेंट आपके स्वस्थ भ्रूण का चुनाव करके आपको स्वस्थ बच्चा पाने में मदद करता है|

कुछ महिलाओं में बाँझपन के लिए कुछ problems जिम्मेदार होती है जैसे PCOS, बार बार गर्भपात होना, Endometriosis, नलियों का बंद होना आदि| ऐसी महिलाएं ivf द्वारा स्वस्थ बच्चे की माँ बन सकती हैं|

ivf में अंडाशय के कैंसर होने का खतरा कम होता है|

ये था ivf ट्रीटमेंट के बारे में कुछ जरुरी जानकारी| आपको यह लेख पढने से एक आईडिया मिल जायेगा| ज्यादा जानकारी के लिए आप अपने शहर के जाने माने ivf क्लिनिक में जा कर प्राप्त कर सकते हैं|

लोगों की इतनी help की लेकिन youtube चैनल subscribe किसी ने नहीं किया अभी तक

 

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24 COMMENTS

  1. kya Turner syndrome patient pragnent ho sakte hain agar age 35 – 38 k beech ki ho to…. meri ek frnd hai uske ultra sound report me overies nhi show ho rahi thi….. utrues b choti hai… kya vo pregnent ho sakti hai kabhi.

  2. Hi i am babli mane ivf karwaya tha aur mera
    Result bhi bahut acha aya tha lakin 2 month
    Ke bad mera baby kharab ho gaya aur mujhe aborsan karwana pada ab dr ka khana hai ki
    tumhari tube mai pani bhara hai aur ye opration se hi thik hoga nhi to dusra baby
    bhi kharab ho jayega agaer aapke pass koi bhi treatment hai pani iska to please mujhe
    jelde se batayie

  3. meri Patni ko 2012 ME normal baby hua tha jo 6 month ke bad kisi karano se nahi raha, parantu dusri bar pregnent hone per fellopion tube fut jane par ukso hata diya gaya, kuchh samay bad hame pata chala ki dusri tube last me block hai jiska kai doctron ne ilaj kiya (Laproscopy, Pani Dalna) parantu success nahi mili sabhi IVF ke liye kah rahe hai Kuchh samachh nahi aa raha kya karun, Patni ki age 32 ho rahi hai.

    • priya ji pcod hone se ivf treatment thoda jatil (complicated) ho jaata hai …aap kisi acche ivf clinic par jaake checkup karwayein aur poori jaankari lein …doctor proper check up ke baad hi apni rai dega

  4. Meri did hai unke sadi ko ,8 saal ho chuke h par koi baby nh h unke age 28 hai or 2 baar miscarriage bhi ho gya hai. Unke sare reports normal hai lekin abhi tak koi baby nh hua.. Kya ap bta ske hai ki ivf Delhi m kaha thik se hum Kara sake or kitna kam se kam kharcha hoga or didi ka jo wait hai wo around 70 h

  5. Hmare shadi ko 4 sal huye h.meri age 36 h aur mere wife ki age 27 h.bt abhitk koi santan prapti nhi huyi h.aap hme kya slah denge.mere sparm ki aur mere wife ki HSG test krwaye h sbhi test normally h. Ab hm kya kre.aap kya slah denge.