शतावरी के फायदे और नुकसान – benefits and side effects of shatavar in Hindi

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शतावरी को इंग्लिश में Indian aspragus कहा जाता है और इसका बोटैनिकल नाम होता है Asparagus racemosus. शतावरी भारत में पाया जाने वाला एक औषधीय पौधा होता है जिसे आयुर्वेदिक और हर्बल मेडिसिन में अनगिनत बिमारियों और रोगों के उपचार में उपयोग किया जाता है| यदि आप शतावरी के पौधे को मिटटी से बहार निकलें तो उसकी 100 जडें होंगी और इसी कारण इस पौधे को शतावरी यानि सौ वारों वाला कहा जाता है| शतावरी के फायदे बहुत से हैं और नुकसान बहुत ही कम तो आइए जानते हैं shatavari benefits and side effects के बारे में | हम यह भी जानेंगे की शतावरी के गुण, उपयोग  और स्वास्थ्य लाभ क्या हैं|

shatavari benefits

शतावरी के औषधीय गुण

मानसिक तनाव, चिंता, भय, अवसाद कम करने वाले

anti allergic

anti spasmodic

glactogogue – दूध का उत्पादन बढ़ाने वाले गुण

blood pressure कम करने वाले

एंटी सेप्टिक

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cooling – शरीर की गर्मी कम करने वाले गुण

anti inflammatory

laxative

रोग प्रतिरोधक क्षमता मजबूत करने वाले

sugar कम करने वाले

diuretic

शरीर की सफाई करने वाले

वाजीकारक

कामोदिपक – काम उत्तेजना बढ़ाने वाले

शुक्रल – शुक्राणु की संख्या बढ़ाने वाले

tonic और पौष्टिक  गुणों के साथ साथ और बहुत से औषधीय गुण इस पौधे में पाए जाते हैं और इन्ही गुणों के कारण इसे कई आयुर्वेदिक दवाइयां जैसे शतावरी चूर्ण, शतावरी कल्प आदि बनाने में इस्तेमाल किया जाता है|

शतावरी के प्रचलित नाम

शतमूल, शतावर, शतमूली, शत्पादी, भीरु, इन्दिवारी, अतिरासा आदि कुछ शतावरी की प्रचलित भारतीय नाम हैं|

शतावरी के फायदे | benefits and uses of Indian aspragus

Health Benefits of Shatavari  यानि शतावरी के फायदे और लाभ निम्न हैं!

लड़कियों और महिलाओं के लिए फायदे

आयुर्वेद में इस हर्ब को लड़कियों और महिलाओं की fertility सुधारने में, बाँझपन दूर करने में और उनकी प्रजनन क्षमता और सेहत अच्छी करने में इस्तेमाल किया जाता है|

यह हर्ब लेडीज में होने वाले hormones को संतुलन में रखने में मदद करती है| hormones का संतुलन आपको कई प्रकार की problems से बचने में मदद करता है|

शतावरी पाउडर या उसके capsules रोजाना कुछ हफ़्तों के लिए सेवन करने से छोटे स्तन को बड़ा करने में मदद मिलती है|

शतावरी PMS और menopause के लक्षणों को दूर करने में भी काफी मदद करती है|

जहाँ एक और यह हर्ब fertility को बढाती है वही दूसरी और यह ovulation और मासिक धर्म यानि पीरियड सम्बन्धी समस्याओं को दूर करने में भी मदद करती है|

यह पीरियड का लेट होना, पीरियड का न होना, मासिक धर्म में ज्यादा ख़ून बहना, माहवारी का रुक जाना आदि की problems को भी ख़तम करने में भी बहुत उपयोगी होती है|

यह पीरियड में होने वाली inflammation को दूर करने में भी मदद करती है|

जिन माताओं का छोटा बच्चा है और उन माताओं में प्रयाप्त मात्रा में दूध नहीं बन रहा वो माताएं घी के साथ शतावरी का सेवन करके आपने दूध की मात्रा को बढ़ा सकती हैं|

गर्भपात और समयपूर्व जन्म की समस्या को भी शतावरी का सेवन करके रोका जा सकता है|

Gonorrhea के लक्षणों को गर्म जल के साथ शातावी की जड़ का चूर्ण लेकर दूर किया जा सकता है|

शतावरी girls में सफ़ेद पानी आने यानि white discharge जिसे  leucorrhoea कहते हैं की समस्या को भी दूर करने में सक्षम होती है| शतावरी की पात्तिओं के एक चम्मच रस को रोजाना रात को एक कप दूध में मिलकर पीने से सफ़ेद पानी आना बंद हो जाता है|

पीरियड के दौरान ज्यादा खून का बहना यानि heavy menstrual bleeding  को एक चम्मच शहद और 30 ml शतावरी के रस के साथ ग्रहण करके रोका जा सकता है|

त्वचा सम्बन्धी समस्याओं में

शतावरी के बीज और पत्ते त्वचा सम्बन्धी कई problems जैसे mumps (गलसुआ). घाव, फोड़े, फुंसी आदि को ठीक करने में काफी उपयोगी माने जाते हैं|

गलसुआ जो की एक वायरल इन्फेक्शन है को आप शतावरी के बीजों की पेस्ट लगाकर दूर कर सकते हैं|

फोड़े फुंसी को आप शतावरी और घी की पेस्ट द्वारा दूर कर सकते हैं|

पेट की सेहत सुधारे

शतावरी का सेवन पेट सम्बन्धी कई problems जैसे बदहजमी, दस्त, उलटी, अलसर, acidity, कोलाइटिस, इन्फेक्शन आदि को दूर रखने में मदद करता है|

बदहजमी और अपचन की समस्या होने पर आप शतावरी की जड़ के पानी में शहद मिलकर पी सकते हैं|

acidity होने पर आप शतावरी की कन्द का juice बराबर मात्रा में जल के साथ ग्रहण करके आराम पा सकते हैं|

पेट से आवाज आने पर आपको शतावरी के बीज का पाउडर और शहद आधा आधा चम्मच मिलकर दिन में दो टाइम खाना होगा|

यदि आपका जी मिचला रहा है और आपको बार बार उलटी होने जैसा लग रहा है तब 25 ग्राम शतावरी के बीज के पाउडर को 100 ग्राम शहद के साथ मिलकर रख लीजिये| इस मिश्रण का एक चम्मच दिन में तीन बार लीजिये|

दस्त या loose motion होने पर दूध के साथ शतावरी के कन्द का छोटा सा piece उबालिए| इस दूध की 5ml मात्रा रोजाना लीजिये|

पीलिया होने पर 50 ml कन्द के juice को 5 ग्राम शहद के साथ दिन में दो बार लीजिये|

दिल रखे स्वस्थ

शतावरी दिल की सेहत सुधरती है तथा बुरे कोलेस्ट्रॉल को कम करने में मदद करती है जिससे दिल की कार्य क्षमता और स्टैमिना बढ़ता है| high blood pressure कम करने के लिए अकसर आयुर्वेदिक डॉक्टर इसके कन्द के रस को शहद के साथ लेने की सलाह देते हैं|

इन्फेक्शन और बुखार होने पर

शतावरी में इन्फेक्शन से लड़ने वाले गुण होते हैं साथ ही इसके cooling गुण बुखार को कम करने में मदद करते हैं| लोग इसकी जड़ को कॉलरा और टाइफाइड के बुखार को कम करने के लिए भी प्रयोग में लाते हैं |

आप शतावरी के एक चम्मच पाउडर को एक गिलास गर्म जल के साथ ग्रहण करके बुखार को कम कर सकते हो|

Water Retention

शतावरी में diuretic गुण पाए जाते हैं इसलिए यह शरीर में होने वाले water retention यानि edema की समस्या को दूर करने में मदद करती है| इसलिए यह उनके लिए एक उत्तम हर्ब है जो पानी भरने की समस्या से जूझ रहे हैं| water retention पीरियड और menopause के समय काफी समस्या पैदा करता है जिसे आप शतावरी के सेवन द्वारा दूर कर सकती हैं|

कफ और गले की इन्फेक्शन

Indian asparagus के बीज के पाउडर में कफ को दूर करने वाले गुण मौजूद होते हैं| बीज का पाउडर गला ख़राब होना यानि गले में इन्फेक्शन को भी दूर करने में उपयोगी होता है| कफ या गले में इन्फेक्शन होने पर शतावरी के बीज के ¼ चम्मच पाउडर को एक चम्मच शहद के साथ दिन में तीन बार लेने से फायदा होता है|

संभोग में अरुचि

शतावरी के कामोत्तेजक गुण महिलाओं और पुरषों में होने वाली संभोग के प्रति अरुचि को दूर करने में काफी फायदेमंद होते हैं| आपको शतावरी के पाउडर का एक चम्मच रोजाना रात को गर्म दूध के साथ लेना है|

पुरुषों के लिए

पुरषों के लिए शतावरी के गुण अश्वगन्धा के सामान होते हैं यह नपुंसकता, शुक्राणु की कमी, संभोग में अरुचि, मर्दाना कमजोरी, लिंग की कमजोरी आदि को दूर करके पुरुष में नयी उमंग और शक्ति का संचार करने में उपयोगी मानी जाती है| आप रोअजन शतावरी के कैप्सूल दिन में दो बार दूध के साथ ग्रहण करके अपनी मर्दानगी बढ़ा सकते हैं|

दर्द निवारक

शतावरी के दर्द दूर करने वाले गुण Rheumatism, gout, कमर दर्द आदि को ठीक करने में भी उपयोगी माने जाते हैं| शातावाई, जीरा, ajwain और मैथी के बीज के पाउडर को बराबर मात्रा में मिलाना होता है| एक मिश्रण का आधे से एक चम्मच मात्रा रोजाना पानी के साथ लेने पर गठिया और कमर दर्द में आराम दिलाता है|

शतावरी के कुछ अन्य उपयोग, फायदे और गुण | Some other uses of shatavari in HIndi

  • एक कप शतावरी की पत्तीओं को रोजाना खाने से Beriberi से मुक्ति मिलती है|
  • शतावरी का नियमित सेवन करके आप अवसाद (डिप्रेशन), मानसिक तनाव और चिंता को दूर रख सकते हैं|
  • पेशाब में जलन शरीर की गर्मी बढ़ाने के कारण हो सकती है जिसे आप शतावरी का सेवन करके दूर कर सकते हैं|
  • hydrocele यानि अंडकोष में पानी भर जाने पर शतावरी के कन्द का एक चम्मच रस दिन में दो बार 4 दिनों तक लेने की सलाह दी जाती है|
  • अमेनेसिया यानि बुढ़ापे में मेमोरी का कम होना को भी इस हर्ब के सेवन से दूर किया जा सकता है|
  • पथरी होने पर शतावरी की कन्द की पेस्ट को पानी के साथ 7 दिन लेने की सलाह दी जाती है|
  • छोटी माता निकलने पर त्वचा पर शतावरी की पत्तों की पेस्ट लगाने से फायदा होता है|
  • मल के साथ खून आना को इस हर्ब की जड़ का काढ़ा बनंकर पीने से ख़तम किया जा सकता है|
  • शतावरी का नियमित सेवन शारीरिक दुर्बलता और कमजोरी को दूर करने में भी लाभदायक होता है|
  • शतावरी को नेत्र सम्बन्धी रोग जैसे नजर कमजोर होना, धुंधला दिखना और आँखों में इन्फेक्शन आदि होने में भी इस्तेमाल किया जाता है|
  • सिर में दर्द रहता है तो रोजाना अपने सिर की अरण्डी के तेल से massage करने के बाद अपने माथे पर शतावरी की जड़ की पेस्ट का लेप करें| ऐसा रोअजना करने पर पुराना सर दर्द भी ठीक हो जायेगा|
  • diabetes या मधुमेह के लिए इस हर्ब को use करने से पहले अपने डॉक्टर की सलाह लें|

shatavari dosage for menopause, fertility, lactation, Pcos?

देखिये सभी लोग हमसे पूछ रहे हैं की शतावरी की सही dose क्या है तो हम आपको यह बता दें की menopause, दूध के उत्पादन, fertility और pcos जैसी स्तिथिओं में आयुर्वेदिक डॉक्टर अलग अलग dose लेने की सलाह देते हैं लें डॉक्टर्स के अनुसार चूर्ण के रूप में आप 3 से 10 ग्राम मात्रा प्रतिदिन ले सकते हैं और यदि आपके पास liquid है तो आप १/2 से 2 teaspoon प्रतिदिन ले सकते हैं| इसी प्रकार यदि आपके पास शतावरी extract कैप्सूल हैं तो 250 mg कैप्सूल दिन में दो बार लेने की सलाह दी जाती है| सही dose के लिए अपने डॉक्टर से पूछना मत भूलें|

शतावरी खाने के नुकसान | side effects of shatavari

जैसा की आप जानते हैं की herbs यानि जड़ी बूटियाँ जहाँ एक और फायदा करती हैं वही दूसरी और उनके कुछ नुकसान या side effects भी होते हैं| आइए जानते हैं शतावरी के कुछ side effects के बारे में|

शतावरी के अधिक सेवन से मोटापा यानि weight gain हो सकता है इसलिए सही मात्रा अपने डॉक्टर से पूछ कर ही लें|

जिन महिलों को estrogen induced disorders और  fibrocystic breasts की समस्या हो तो उनके लिए शातावारी लेना वर्जित होता है|

किडनी और दिल सम्बन्धी रोग होने पर भी आपको ये हर्ब नहीं लेनी चाहिए|

यदि आपको शतावरी खाने के बाद को एलर्जी जैसे skin और सांस सम्बन्धी को परेशानी होती है तब भी आपको यह हर्ब न लेने की सलाह दी जाती है कास कर उन लोगों को जिनको सांस सम्बन्धी को रोग हो|

शतावरी कुछ लोगों में चिंता, चक्कर आना , सर घूमना, जी मिचलाना, पेट में गैस और पेट की गड़बड़ी भी कर सकती है|

diuretics और lithium medication लेने वाले गोगों को शतावरी के उपयोग से नुकसान हो सकता है|

शतावरी के uses, फायदे और नुकसान के बारे में आप जान ही चुके हैं| अब किसी अच्छे डॉक्टर से इसकी सही मात्र के बारे में जानकार इसका उपयोग अपनी सेहत सुधरने के लिए आप कर सकते हैं|

Shatavari benefits and side effects के बारे में यदि आपको कोई प्रश्न पूछना है तो आप हमसे कभी भी सम्पर्क कर सकते हैं|

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8 COMMENTS

  1. Me ye puchhna chahti hu ki jaise ki meri age 23 he to me iska sevan kese kru or kitna kru me yaun rogo se chhutkara pana chahti please reply

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