गिलोय के फायदे और नुकसान क्या हैं

4

गिलोय या गुडूची जिसे वनस्पतिक भाषा में Tinospora cordifolia के नाम से जाना जाता है एक बहुत ही महत्वपूर्ण अदुर्वेदिक हर्ब है| यह हर्ब बहुत सी आयुर्वेदिक दवाइयाँ बनाने के काम आती है जैसे की गिलोय घन वटी| इस बूटी में अपने औषधीय गुण तो होते ही हैं साथ ही यह जिस वृक्ष पर उगती हैं उस वृक्ष के गुण भी इसमें आ जाते हैं| गिलोय के फायदे, औषधीय गुणों और स्वास्थ्य लाभ के कारण इस हर्ब और इसके रस को कई शरीर सम्बन्धी रोग जैसे पीलिया, गठिया, कब्ज, डेंगू, बुखार, पेट सम्बन्धी रोग, मूत्ररोग, त्वचा सम्बन्धी रोग आदि के लिए इस्तेमाल किया जाता है| गिलोय कफ, वात और पित्त तीनों दोषों को सही करने की भी क्षमता रखती है| गिलोय के फायदे और लाभ जाने से पहले आइए जानते हैं इसके कुछ ख़ास औषधीय गुणों के बारे में|

guduchi benefits

गिलोय के औषधीय गुण

गिलोय या गुडूची में निम्न गुण पाए जाते हैं

  • खून साफ़ करने वाले
  • एंटी बैक्टीरियल
  • एंटी वायरल
  • बुखार कम करने वाले
  • एंटी allergic
  • एंटीऑक्सीडेंट
  • पाचन मजबूत करने वाले
  • मानसिक तनाव और चिंता दूर करने वाले
  • भूख बढ़ाने वाले गुण
  • sugar कम करने वाले
  • एंटी inflammatory
  • cooling
  • पेट के कीड़े नष्ट करने वाले गुण
  • एंटी arthritis
  • Immune सिस्टम अच्छा करने वाले गुण
  • antacid
  • anti tumor
  • बुखार दूर करने वाले गुण
loading...

पेट का दर्द और दूसरी पेट सम्बन्धी रोग ठीक करने वाले गुणों के अलावा और बहुत से गुण गिलोय में पाए जाते हैं|

गिलोय के प्रचलित नाम

भारत के अलग अलग राज्यों में गिलोय को अलग अलग नामों से जाना जाता है जैसे अमृता, गुडूची, चक्रांगी, गुलांचा, गुरूच, गारो, गुर्जो, गुलुची आदि| लेकिन उत्तर भारत में ज्यादातर लोग इसे गिलोय के नाम से ही जानते हैं| इसलिए इस लेख में हम गिलोय या गुडूची नाम का ही प्रयोग करेंगे|

किन रोग में गिलोय प्रभावकारी होती है

यदि रोगों की बात किया जाए तो इस लेख का अंत होना नामुनकिन होगा अर्थात गिलोय अनगिनत रोग के इलाज में प्रभावकारी होती है| आपकी सुविधा के लिए हम कुछ रोग बताने जा रहे हैं जिनमें इस बूटी का इस्तेमाल सबसे ज्यादा किया जाता है|

कुष्ट रोग, asthma, gout, मधुमेह, दस्त, खुनी बवासीर, सर्दी जुखाम, anemia, खून में गर्मी, डेंगू, स्वाइन फ्लू, vitiligo, HIV, दुर्बलता, high blood pressure, नपुंसकता और बाँझपन, मासिक चक्र सम्बन्धी परेशानियाँ, कैंसर, नकसीर फूटना, UTI, उलटी, TB, अनिद्रा, त्वचा और पेट सम्बन्धी रोग, मोटापा, पथरी, शारीरिक दुर्बलता, brain tumer, माइग्रेन, मलेरिया, हर्पीस, syphilis, गठिया, गुप्त रोग आदि में इस बूटी का प्रयोग किया जाता है|

गिलोय के फायदे | स्वास्थ्य लाभ और गुण | Benefits of giloy herb in Hindi

जैसा की हमने पहले ही बता दिया है की गिलोय में कमाल के औषधीय गुण पाए जाते हैं इसलिए इस बूटी को कई प्रकार की बिमारियों को ठीक करने में किये जाता है| गिलोय के कुछ फायदे हम नीचे बताने जा रहे हैं|

बुखार करे ठीक

गिलोय में antipyretic गुण पाए जाते हैं इसलिए इस हर्ब को बुखार कम करने वाली आयुर्वेदिक दवाइयों में इस्तेमाल किया जाता है| इतना ही नहीं गिलोय आपके खून में platelets की संख्या बढाती है और डेंगू fever से लड़ने की शक्ति प्रदान करती है| गिलोय को शहद के साथ लेने से मलेरिया का बुखार भी दूर हो जाता है|

रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाये

गिलोय आपके शरीर की इम्युनिटी यानि रोग प्रतिरोधक क्षमता को बढाती  है जिसके फलसवरूप आपको सर्दी जुखाम और दूसरी कई घातक बीमारियों से बचने में मदद मिलती है| यह हर्ब आपके शरीर को detoxify यानि साफ़ करती है और आपके गुर्दों, लीवर और शरीर से हानिकारक तत्वों को दूर करने में मदद करती है| इसके एंटी बैक्टीरियल और एंटी वायरल गुण आपको कई प्रकार की बैक्टीरियल और वायरल इन्फेक्शन से बचने में मदद करते हैं|

पाचन और पेट की सेहत बनाये बेहतर

मानसिक तनाव, चिंता, भय, अवसाद, असंतुलित खान पान आदि आपके पाचन को बुरी तरह से प्रभावित करते हैं| गिलोय में digestive और stress दूर करने वाले गुण होते हैं जो की बदहजमी, कब्ज, गैस, मरोड़ आदि समस्याओं को दूर करता है और आपके पाचन को बेहतर बनाता है| यह आपकी भूख को जागृत करवाने में भी मदद करता है| आप आधे ग्राम गुडूची के पाउडर को अमला के साथ ले सकते हैं या फिर गिलोय का juice पी सकते हैं या फिर गिलोय को छाछ के साथ मिलकर भी ग्रहण कर सकते हैं| गिलोय  IBS, पेट में दर्द और मरोड़, जि मिचलन, उलटी, acidity, लीवर problems को भी दूर करती अहि| यदि आपका पेट सही होगा तब आपको मानसिक तनाव भी कम होगा और आपका जीवन खुशहाल बनेगा|

Diabetes करे control

यदि आप मधुमेह के रोगी हैं तब गिलोय आपके लिए किसी वरदान से कम नहीं क्योंकि इस हर्ब में hypoglycaemic अर्थात sugar घटने वाले गुण पाए जाते हैं| गिलोय का नियमित सेवन टाइप 2 diabetes वाले रोगियों के लिए विशेष रूप से फायदेमंद होता है|आप रोजाना गिलोय का juice पी कर अपने sugar को घटा सकते हैं|

गिलोय for skin

गिलोय में एंटी ageing, एंटीऑक्सीडेंट, और दुसरे skin friendly गुण पाए जाते हैं जो की आपको असमय बुढ़ापे से बचाते हैं और आपकी त्वचा को लम्बे समय तक जवान और सुन्दर बनाये रखने में मदद करते हैं| acne, pimples, wrinkles, fine lines, एक्जिमा आदि problems को गिलोय की नियमित सेवन द्वारा दूर रखा जा सकता है|

आँखों के लिए

गिलोय आँखों के लिए भी बहुत फायदेमंद माना जाता है| यह आँखों की समस्याओं को दूर रखता है और उनकी रौशनी अच्छी करने में भी मदद करता है| गिलोय को पानी में उबालकर आँखों पर लगाने से आँखों के समस्त रोग दूर हो जाते हैं| लोग कहते हैं की गिलोय का इस्तेमाल करके आप अपने चश्मे से भी मुक्ति पा सकते हैं|

Giloy for Males

आदमियों के लिए भी गिलोय एक वरदान है क्योंकि इस हर्ब के aphrodisiac गुण आपकी यौनशक्ति और स्टैमिना बढ़ाने में मदद करते हैं जिसके फलसवरूप आप वैवाहिक सुख अच्छी तरह से भोग सकते हैं|

gout और गठिया का इलाज

gout arthtiris यानि गठिया का एक प्रकार है| गिलोय के anti inflammatory और anti arthritic गुण ना केवल आपको गठिया को कम करने में मदद करते हैं बल्कि यह हर्ब आपको गठिया के attack और उसके लक्षण जैसे दर्द, सूजन, जोड़ो में दर्द आदि से भी बचाए रखती है|

Health tonic

गिलोय एक बहुत अच्छा health tonic होता है जो की शारीरिक और मानसिक health को सुधारने में मदद करता है| यह आपकी मेमोरी को तेज बनता है जिससे आपकी कार्य कुशलता बढती है साथ ही इसके गुण आपको मानसिक तनाव और डिप्रेशन से लड़ने में मदद करते हैं| यह खून को शुद्ध करता है और उनकी मात्रा भी बढाता है| यह आपको बल और स्टैमिना भी बढ़ाने में हेल्प करता है|

Cardio tonic

गिलोय के blood pressure कम करने वाले और blood सर्कुलेशन सुधारने वाले गुण आपके दिल को सेहतमंद रखने में मदद करते हैं और आपको heart attack और दूसरी दिल सम्बन्धी बिमारियों से बचाए रखते हैं|

Asthma का इलाज

छाती में जकड़न, खाँसी, सांस लेने में परेशानी आदि asthma के लक्षणों को नियमित गिलोय चबाकर या इसके juice का सेवन करके दूर रखा जा सकता है| यदि आपको asthma है तो आप अपने आयुर्वेदिक डॉक्टर की सलाह के अनुसार इस हर्ब का use कर सकते हैं| वैसे हर्ब के जानकार लोग asthma के लिए रोगी को गिलोय की जड़ की छाल चबाने की सलाह देते हैं| इसकी जड़ के पाउडर को शहद के साथ मिलाकर भी ग्रहण किया जा सकता है|

श्वसन सम्बन्धी रोग

गिलोय respiratory problems में भी फायदेमंद मानी जाती है इसका कारण है इसमें पाए जाने वाले expactorant और anti inflammatory गुण| यह हर्ब आपके respiratory सिस्टम को सेहतमंद बनती है और आपके फेफड़ों को बल प्रदान करती है फलसवरूप आपको कोई श्वसन सम्बन्धी कोई रोग नहीं होता|

गिलोय के कुछ प्रचलित घरेलु नुस्खे| Home remedies with Guduchi

gout arthritis का एक बहुत ही painful प्रकार होता है| आयुर्वेद में इस वताराकता कहते हैं जो की वात के असंतुलन के कारण होता है| गिलोय में वात के असंतुलन को ठीक करने वाले गुण पाए जाते हैं जो की gout के लक्षणों को दूर करते हैं और gout attack होने से पहले ही रोक देते हैं| गिलोय को gout के लिए इस्तेमाल करने के लिए आपको 25 ग्राम गुडूची पाउडर को १ लीटर पानी के साथ तब तक उबालना है जब तक पानी की मात्रा एक चौथाई न रह जाये| इस liquid को चान लीजिये और 40 ml liquid भोजन से पहले पी लीजिये| इससे आपको दर्द और सुजन से काफी रहत मिलेगी|

सफ़ेद पानी यानि लयूकोरिया की समस्या को गिलोय juice पीकर दूर किया जा सकता है|

पित्त दोष के कारण जलन को गिलोय juice और जीरे का सेवन करके दूर किया जा सकता है|

त्वचा के रोगों को गिलोय juice और नीम पाउडर के मिश्रण से ट्रीट किया जा सकता है|

गिलोय के juice को छाछ में मिलकर लेने से piles यानि बवासीर से मुक्ति मिलती है|

गिलोय और ajwain का काढ़ा कफ दूर करने में इस्तेमाल किया जाता है|

जम्मू के लोग गिलोय को हड्डियों के फ्रैक्चर ट्रीट करने लिए काम में लेते हैं|

वही गुजरात के लोग मानते हैं की गुडूची की जड़ और छाल के पाउडर को दूध के साथ पीने से कैंसर रोग ठीक हो जाता है|

कान दर्द होने पर गिलोय के पत्तों का दो बूँद रस दर्द वाले कान में डालने से आराम मिलता है|

पीरियड में जयादा bleeding होना या गर्भपात या delivery में खून के अधिक स्त्राव को रोकने के लिए जानकार लोग गिलोय के 3 ml juice को एक कप पानी के साथ पीने की सलाह देते हैं|

गिलोय के एक फीट लम्बी शाखा के रस को 7 तुलसी के पत्तों के साथ उबाल कर ग्रहण करने से डेंगू बुखार ठीक हो जाता है| यह नुस्खा आपके platelets की संख्या बहुत तेजी से बढ़ा देता है|

गिलोय पहाड़ी इलाको में पीलिया के घरेलु उपचार के लिए भी प्रयोग किया जाता है| पीलिया की स्तिथि में इसके चूर्ण को कलि मिर्ची, हनी और त्रिफला चूर्ण के साथ लिया जाता है| इसके बाद एक चम्मच गिलोय के पत्तों के रस को एक गिलास दही की छाछ में मिलकर पिया जाता है|

गिलोय के चूर्ण को इलाइची और शहद के साथ रोजाना लेने से TB बीमारी में सुधर होता है|

गिलोय के पत्तों का रस रोजाना सुबहे खली पेट पीने से आपका खून साफ़ होता है|

गिलोय के नुकसान | side effects

गिलोय बहुत गुणकारी हर्ब है लेकिन कुछ स्तिथियों में इसका सेवन करना नुकसान या side effects भी कर सकता है|

  • यदि आप diabetes की दवाई ले रहे हैं तो बिना डॉक्टर से पूछे गुडूची का सेवन नहीं करना है|
  • pregnant और स्तनपान करवाने वाली महिलाओं के लिए भी गिलोय का इस्तेमाल वर्जित है|
  • इस हर्ब को सर्जरी या ऑपरेशन के बाद इस्तेमाल नहीं करना चाहिए |
  • गिलोय कब्ज और low blood sugar की समस्या भी कर सकता है|
  • यदि आपको Autoimmune diseases जैसे lupus, sclerosis आदि हैं तब आपको इस हर्ब का use कभी नहीं करना है|

यदि आपको गिलोय ग्रहण करने के बाद को side effect जैसे एलर्जी नजर आता है तो तुरंत अपने डॉक्टर से मिलिए|

क्या गिलोय बच्चों के लिए सुरक्षित है?

गिलोय 5 साल से छोटे बच्चों को नहीं देना चाहिए| यदि बच्चा 5 साल से बड़ा है तो भी बिना आयुर्वेदिक डॉक्टर की सलाह के नहीं देना चाहिए|

इस में कोई दो राय नहीं की गिलोय एक बहुत ही उपयोगी हर्ब है| गिलोय के फायदे और नुकसान आपने जान लिए हैं फिर भी हमारी यह सलाह है की आप जब भी इस हर्ब का इस्तेमाल किसी रोग को ठीक करने के लिए करें तो एक बार अपने डॉक्टर की सलाह जरूर ले लें क्योंकि गुडूची कई दवाइयों और दूसरी herbs के साथ reaction करके नुकसान भी कर सकती है|

लोगों की इतनी help की लेकिन youtube चैनल subscribe किसी ने नहीं किया अभी तक

 

loading...

4 COMMENTS

  1. Mujhe 7 years so fever ki samsya ha or ek 2years se giloy godati mahasurdarsan vati le raha hu mujhe. Koi fayda nahi hua

    • virender ji aap doctor se milein aur complete body checkup karwayein taki ye pata lag sake ki fever kis kaaran se ho raha hai

LEAVE A REPLY