pregnancy me bleeding hona – गर्भावस्था में खून आने के कारण और उपाय

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प्रेगनेंसी यानि गर्भावस्था अपने साथ बहुत सारी चुनौतियाँ लेकर आती है खास कर जब आप पहली बार माँ बनने जा रही हैं| यदि प्रेगनेंसी के पहले 3 महीनों में ब्लीडिंग हलकी फुलकी हो तो आम बात है जिसके कई कारण हो सकते हैं लेकिन ज्यादा मात्रा में खून आना चिंता का विषय हो सकता है जिसका इलाज डॉक्टर ही करता है| हम जानते हैं की खून आने से आप और आपके पति को थोडा मानसिक तनाव हो सकता है इसीलिए हमने ये लेख pregnancy me bleeding hona लिखने का सोचा ताकि आपको ये बता सकें की क्या है प्रेगनेंसी me खून आने के कारण और आप क्या उपाय कर सकती हैं|

blood during pregnancy

प्रेगनेंसी के पहले हफ़्तों में bleeding होने के कारण | causes of early pregnancy bleeding

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अक्सर हमें हमारे रीडर्स पूछ रहे है की क्यों होती है प्रेगनेंसी में ब्लीडिंग तो इसका उत्तर है की जब आप pregnant होती हैं तब आपका दिमाग गर्भाशय को पीरियड बंद करने के सिग्नल बेझता है जिसके कारण नहीं गर्भवती महिलाओं में हलकी ब्लीडिंग हो सकती है जिससे महिला और उसके बच्चे को कोई नुक्सान नहीं होता| आपको प्रेगनेंसी की शुरुवात में ब्लीडिंग होने के दुसरे कारण जानने की जरुरत है जिन्हें हम नीचे के भाग में बताने जा रहे हैं|

Breakthrough or Implantation bleeding

प्रेगनेंसी के शुरू के दिनों में हल्का खून आना वैसे तो आम बात है लेकिन ऐसा होने पर आपको चिंता हो सकती है| कुछ महिलाओं को प्रेगनेंसी के पहले महीने में ब्लीडिंग होती है जो की शरीर में हॉर्मोन के बदलाव के कारण होती है जिसे Breakthrough bleeding कहते हैं| चार में से एक महिला के पहले महीने में ब्लीडिंग होती है जिसका मुख्या कारण होता है निषेचित अंडे का गर्भाशय की दिवार पर जुड़ना यानि implantation और जिसके कारण आपको १० से 14 दिन तक हलकी फुलकी ब्लीडिंग हो सकती है| यदि गर्भावस्था में अधिक खून आये तो तुरंत डॉक्टर से मिलना चाहिए|

गर्भपात होने के कारण

यदि प्रेगनेंसी के शुरुवाती तीन महीनों में ज्यादा ब्लीडिंग हो और खून के साथ गहरे भूरे रंग के थक्के भी आयें तो ये गर्भपात हो सकता है| गर्भपात होने पर आपको दुसरे लक्षण भी महसूस हो सकते हैं जैसे कमर और पेट में दर्द, बुखार आदि| ऐसा होने पर आपको डॉक्टर की सलाह लेनी होती है| ध्यान रहे की पहली बार miscarriage होना बहुत ही आम बात है इसलिए घबराने की जरुरत नहीं|

Ectopic /Tubal Pregnancy

दूसरा गर्भावस्था के दौरान खून आने का कारण हो सकता है एक्टोपिक प्रेगनेंसी इसका मुख्य कारण होता है फल्लोपियन tubes में रूकावट या नुक्सान होना जिसके कारण भ्रूण गर्भाशय तक नहीं पहुँच पाता और अपने आपको tube की दीवार पर जोड़ लेता है| ऐसा 60 में से १ महिला के साथ होता है| ऐसा होने से माँ कर बच्चे को खतरा होता है इसलिए ज्यादा खून आने पर अपने डॉक्टर की तुरंत मदद लें|

Molar Pregnancy

मोलर प्रेगनेंसी भी एक कारण है जिसमें ब्लीडिंग देखने को मिलती है| मोलर प्रेगनेंसी एक जटिल प्रक्रिया है जिसे हम अपने दुसरे लेख में समझायेंगे| यदि आपको अधिक खून आता है तो डॉक्टर से मिलें डॉक्टर आपको मोलर प्रेगनेंसी के बारे में बता देगा| वैसे ऐसी प्रेगनेंसी होना बहुत कम होता है और ऐसा तब होता है जब शुक्राणु का खाली अंडे से मिलन होता है जिसके फलसवरूप भ्रूण का असामान्य विकास होता है|

उपरोक्त कारणों के अलावा और भाहूत से कारण हैं जिनके फलसवरूप प्रेगनेंसी में खून आने की समस्या हो सकती है जैसे सम्भोग, Intrauterine fetal demise, blighted ovum आदि|

प्रेगनेंसी में ब्लीडिंग रोकने के उपाय

जैसे की आपने प्रेगनेंसी में ब्लीडिंग होने के कारणों में जाना की यह ब्लीडिंग बहुत से कारणों द्वारा हो सकती है और सही कारण का पता डॉक्टर से जांच करवाने के बाद ही आप लगा सकते हैं| प्रेगनेंसी में ब्लीडिंग घरेलु उपचार या उपायों द्वारा रोकना गलत होगा इसलिए आप निम्न बातों का ध्यान रखें|

प्रेगनेंसी में ब्लीडिंग होने पर सबसे पहले अपने डॉक्टर से मिलिए और जैसा आपका डॉक्टर आपको सुझाव दे उस हिसाब से ही चलिए|

डॉक्टर आपके शरीर में हॉर्मोन के लेवल का पता लगाने के लिए आपको खून की जांच करवाने की सलाह दे सकता है| ऐसा इसलिए करना होता है की शरीर में progesterone होरमोन की कमी से भी खून आ सकता है| यदि आपका कारण  होरमोन की कमी है तो आपको डॉक्टर progesterone सप्लीमेंट देगा जिससे आपकी ब्लीडिंग रुक जाएगी|

डॉक्टर आपके bladder और गुपतंग में इन्फेक्शन के लिए भी टेस्ट करवाने की सलाह दे सकता है| bladder में इन्फेक्शन होने पर ब्लीडिंग हो सकती है|

इसके अलावा डॉक्टर कुछ दुसरे टेस्ट और ज्यादा आराम करने की भी सलाह दे सकता है|

वैसे तो प्रेगनेंसी के शुरू में ब्लीडिंग होना एक तनाव वाली बात है लेकिन आपको धैर्य से काम लेना चाहिए और जरुरी टेस्ट करवाने चाहिए और अपने आप को सकारात्मक रखना चाहिए|

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4 COMMENTS

    • Hello and welcome simran ji, dekhiye pregnancy ke shuru mein hormonal changes, implantation aadi ke kaaran purana blood nikal sakta hai aur kyonki blood purana hota hai isliye brown color ka hota hai….lekin aapko tab tak chinta nahi karni jab tak aisa bahut kam ho raha hai ..yani adhik matra mein bleeding ho to doctor se milna chahiye lekin halki bleeding ho to aisa pregnancy ke shuru ke kuch weeks aur delivery ke pehle hona bahut common baat hai…fir bhi yadi aapko koi aur problem ho jaise tej stomach cramps (marod) ya bleeding adhik ho to aap doctor se jaanch karwaein..baaki stress lene ki jarurat nahi hai jab tak dard aur adhik bleeding na ho

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